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शिक्षा बजट: 10 हजार मेधावियों सहित प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को मिलेंगे टेबलेट, टाट पर नहीं बैठेंगे छात्र

Sat, 18 Mar 2023 11:09 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

प्रदेश के सरकारी स्कूलों की दसवीं और बारहवीं कक्षा तथा कॉलेजों में पढ़ने वाले दस हजार मेधावियों और प्राइमरी स्कूलों के 17,510 शिक्षकों को सुक्खू सरकार टेबलेट देगी। 
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टेबलेट(सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों की दसवीं और बारहवीं कक्षा तथा कॉलेजों में पढ़ने वाले दस हजार मेधावियों और प्राइमरी स्कूलों के 17,510 शिक्षकों को सुक्खू सरकार टेबलेट देगी। पूर्व की सरकारों के समय से मेधावियों को दिए जाने वाले लैपटॉप अब नहीं मिलेंगे। कांग्रेस सरकार ने मेधावियों को अब लैपटॉप की जगह टेबलेट देने का फैसला लिया है।

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शुक्रवार को बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसी भी सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी टाट पर नहीं बैठेंगे। जरूरत वाले स्कूलों में 40,000 डेस्क दिए जाएंगे। विधानसभा चुनाव के दौरान दी गई गारंटी को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी गवर्नमेंट मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल खोलने का एलान किया। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में प्री प्राइमरी से बारहवीं कक्षा तक की शिक्षा सुविधा के साथ सभी प्रकार की इंडोर एवं आउटडोर खेल सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।


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चरणबद्ध योजना के तहत 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे
जहां पानी की समुचित उपलब्धता होगी, वहां स्वीमिंग पूल का भी प्रावधान किया जाएगा। इस योजना के कार्यान्वयन के लिए सरकार चरणबद्ध योजना के तहत 300 करोड़ रुपये व्यय करेगी। युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सुविधा देने को ब्लॉक स्तर पर नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी की पहुंच तथा आवश्यक पुस्तकों सहित पुस्तकालयों का भी निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। 762 स्कूलों में कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर उपलब्ध करवाए जाएंगे। सभी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में पुस्तकालय बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही आए सर्वे दर्शाते हैं कि कोविड के दौरान विद्यार्थियों की सीखने, पढ़ने और लिखने की क्षमता में गिरावट आई है। सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 में शिक्षा विभाग के लिए 8,828 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया।

खेल छात्रावास में रहने वाले खिलाड़ियों की डाइट मनी दोगुनी
विद्यार्थियों को खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरकार ने खेल छात्रावासों में रहने वाले खिलाड़ियों की डाइट मनी दोगुनी कर दी है। इन खिलाड़ियों को अब प्रतिदिन 120 रुपये की जगह 240 रुपये मिलेंगे। कॉलेजों में साल में दो बार रोजगार मेलों का होगा आयोजनयुवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश के कॉलेजों में वर्ष में दो बार रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा। स्पेशल प्लेसमेंट ड्राइव का भी आयोजन किया जाएगा। स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा के विस्तार का फैसला भी लिया गया। शिक्षण संस्थानों में पाठ्यक्रम की समीक्षा की जाएगी। रोजगार आधारित नवीनतम कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।

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नए स्कूल खोलने से तौबा, पुरानों को किया जाएगा मजबूत
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि नए स्कूल खोलने या अपग्रेड करने की जगह अब पुराने स्कूलों को मजबूत किया जाए। पुराने स्कूलों में शिक्षकों, पुस्तकालय, लैब सुविधा, अच्छे भवन और खेल मैदानों की सुविधाएं दी जाएंगी। वर्ष 2021-22 में प्रदेश के 3,148 स्कूलों में केवल सिंगल शिक्षक उपलब्ध थे। प्रदेश के कुल स्कूलों का यह 30 फीसदी था। सरकार ने पाया कि कई संस्थान ऐसे खोले गए थे, जहां बच्चों की संख्या बहुत कम थी। इनमें गुणात्मक शिक्षा दे पाना संभव नहीं था। बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए यह व्यवस्था परिवर्तन करना ही होगा।



 

गरीब परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए एक फीसदी ब्याज पर मिलेगा कर्ज

लोन - फोटो : istock
प्रदेश के गरीब परिवारों के बच्चों, जो आवश्यक संसाधनों के अभाव में व्यवसायिक और तकनीकी पढ़ाई कर पाते हैं, उन्हें उच्च शिक्षा के लिए सरकार की ओर से वित्तीय सहायता दी जाएगी। सरकार ने इसके लिए 200 करोड़ के बजट प्रावधान से मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना शुरू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गरीब बच्चों को एक फीसदी ब्याज पर इंजीनियरिंग, मेडिसन, एमबीए, पीएचडी, आईटीआई, पॉलीटेक्निक, बी फार्मेसी और नर्सिंग सहित अन्य व्यवसायिक कोर्स के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। इससे पैसों के अभाव में कोई भी मेधावी गरीब बच्चा उच्च शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।

यौन अपराधों को लेकर बच्चों को किया जाएगा जागरूक
प्रदेश सरकार ने बच्चों को यौन अपराधों के लेकर जागरूक करने का फैसला भी लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान को चलाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी। प्रदेश में नशीली दवाओं और मादक द्रव्यों के सेवन के दुष्प्रभावों को नियंत्रित करने व बच्चों और युवाओं में इनके नुकसान के बारे में जागरुकता लाने के लिए नशा एवं मादक पदार्थ मुक्त हिमाचल अभियान शुरू किया जाएगा। 
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पांच लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य पूरा करना नहीं होगा आसान: प्रो. एनके शारदा

अर्थशास्त्री एनके शारदा
अर्थशास्त्री -प्रो. एनके शारदा ने कहा कि देश में सत्तासीन हुई कांग्रेस की सुखविंद्र सिंह सुक्खू  सरकार के पहले वार्षिक बजट में आम जनता को दी गई दस गारंटियों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। इन गारंटियों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए भारी ऋण के बोझ के तले दबी कांग्रेस सरकार को अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाना एक बड़ी चुनौती रहेगी। बजट में इस दिशा में उठाए गए कदम अपर्याप्त नजर आ रहे हैं।   पांच लाख युवाओं को रोजगार सृजन का लक्ष्य भी आसान नहीं होगा। कर्मचारी और पेंशनभोगियों के सहारे सत्ता में आई कांग्रेस की सरकार के इस पहले बजट में कर्मचारी वर्ग के लिए कोई बड़ी राहत का प्रावधान नहीं है, जिससे यह वर्ग अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है। बजट में आम जनता पर किसी तरह का अतिरिक्त आर्थिक बोझ टैक्स के रूप में न डाला जाना राहत दे रहा है, मगर बजट में की गई घोषणाओं को पूरा करने को वित्तीय संसाधन किस तरह से जुटाए जाएंगे, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा के तहत अनाथ, असहाय लोगों व महिलाओं के कदम उठाकर राहत देने का प्रयास किया है। सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार लाने की दृष्टि से हर विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल खोलने की घोषणा अच्छा कदम साबित हो सकता है, मगर उच्च शिक्षा क्षेत्र को लेकर कोई महत्वपूर्ण घोषणा बजट में नहीं है। सरकार ने पर्यावरण की दृष्टि से डीजल की जगह चरणबद्ध तरीके से 1,500 ई बसें चलाने का निर्णय लेकर प्रदेश को हरित राज्य बनाने के लिए अच्छी पहल की है।   सरकार के इस बजट में कांग्रेस की ओर से दी गई पांच लाख नौकरियों की गारंटी को देखते हुए मात्र 25 हजार रोजगार सृजित करने की बात है, जो युवाओं के लिए निराशाजनक है। निजी क्षेत्र में 20,000 करोड़ के निवेश से प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रोजगार देने की बात है। इसका धरातल पर उतरना अत्यंत कठिन लगता है। 

उपदान देने का कदम मददगार साबित होगा 
बजट में युवाओं को स्वरोजगार के लिए ई बस और ई ट्रक खरीदने को उपदान देने का कदम मददगार साबित हो सकता है। सुक्खू सरकार के इस बजट में कांगड़ा और मंडी के हवाई अड्डों के विस्तार की योजना को केंद्र के आर्थिक सहयोग के बिना कार्यान्वित करना कठिन होगा। कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने का वादा भी किया गया है। कृषि, बागवानी, दुग्ध उत्पादन की कई योजनाएं शुरू करने की घोषणााएं पूरी होने से ग्रामीण जनता के लिए लाभकारी साबित होंगी। 
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