डॉ. कमल सिंह
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राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में कैंसर के लिए उत्कृष्ट केंद्र स्थापित करने तथा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान विकसित करने का प्रस्ताव है। सभी मेडिकल कॉलेज में पीईटी स्कैन की स्थापना प्रशंसनीय है। बजट में मूल्य वर्धित पाठ्यक्रम और व्यावसायिक शिक्षा पर जोर है। समाज के लगभग हर वर्ग के मानदेय में वृद्धि का प्रस्ताव है। सरकार ने मनरेगा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, जल रक्षकों से लेकर पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों, जिला परिषद और शहरी स्थानीय निकायों के सदस्यों के लिए समाज के अधिकांश वर्गों के मानदेय में वृद्धि की है।
एक चुनावी गारंटी को पूरा करते हुए 2.31 लाख महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा। इस पर सरकार हर साल 416 करोड़ रुपये खर्च करेगी। 7,000 पात्र विधवाओं एवं अविवाहित महिलाओं के लिए आवास निर्माण के लिए मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना भी इस बजट की एक योजना है। बजट में कई घोषणाएं और योजनाएं करने के बावजूद यह बजट कमियों से वंचित नहीं है। सबसे पहले हिमाचल प्रदेश सरकार का बढ़ता घाटा (राजकोषीय घाटा) और कर्ज प्रमुख चिंता का विषय है, लेकिन बजट इस समस्या का समाधान करने में विफल रहा है। -डॉ. कमल सिंह, अर्थशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर, केंद्रीय विश्वविद्यालय