प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लांड्रिंग केस में आरोपपत्र के साथ पेश दस्तावेजों की प्रति हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के वकील को सौंप दी है। कुछ अन्य दस्तावेज देने के लिए समय मांगा है।
पटियाला हाउस अदालत के विशेष सीबीआई जज के समक्ष वीरभद्र के वकील ने कहा कि उन्हें दस्तावेजों के निरीक्षण के लिए समय चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई दो नवंबर तय कर दी।
ईडी ने वीरभद्र व अन्य आरोपियों पर मनी लांड्रिंग मामले में 21 जुलाई 2018 को चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में वीरभद्र सिंह, प्रतिभा व उनका बेटा विक्रमादित्य सिंह जमानत पर हैं। ईडी ने सीबीआई की एफआईआर के आधार पर मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया था।
सीबीआई का आरोप है कि यूपीए शासनकाल में वीरभद्र ने केंद्रीय मंत्री रहते करीब 10 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की थी। इस एफआईआर के आधार पर ईडी ने इन आरोपियों पर मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया था।