प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र द्वारा दायर याचिका को रद्द करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह के खिलाफ ईडी के पास ठोस साक्ष्य है।
ईडी ने हाईकोर्ट में उक्त तर्क रखते हुए कहा कि वीरभद्र सिंह ने एक ही मुद्दे को लेकर अलग-अलग अदालत में याचिका दायर कर रखी है इस आधार पर यह याचिका विचारयोग्य ही नहीं है।
न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी के समक्ष ईडी की और से पेश अतिरिक्त सालिसीटर जनरल संजय जैन से जवाब दाखिल कर बताया कि याची ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी व संपत्ति जब्ती आदेश को चुनौती दी है।
उन्होंने कहा कि निर्णायक प्राधिकरण को संपत्ति जब्ती के 30 दिन में अपना निर्णय देना होता है लेकिन वीरभद्र ने इसी मुद्दे को लेकर दो याचिकाएं दायर की है जो कानूनन गलत है।