पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले सरकारी स्कूलों के बच्चों की घर बैठे पढ़ाई करवाने का अभियान 16 अप्रैल से शुरू होगा। समय दस से बारह वाला, हर घर बने पाठशाला अभियान की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। शिमला में समग्र शिक्षा अभियान का राज्य परियोजना कार्यालय ई कंटेंट तैयार करने में जुटा है। अभियान के पहले कुछ दिनों में गणित और हिंदी विषय से संबंधित पढ़ाई करवाई जाएगी।
इसके बाद अन्य विषयों को शुरू किया जाएगा। कोरोना वायरस से बचाव के लिए पूरे देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है। इसकी अवधि बढ़ाने को लेकर फिलहाल अभी कोई घोषणा नहीं हुई है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए स्कूलों का खुलना अभी मुमकिन नहीं लग रहा। इसे देखते हुए ही शिक्षा विभाग सरकार के निर्देशानुसार ई कंटेंट तैयार करने में जुट गया है।
अभियान की सफलता के लिए जहां शिमला में ई कंटेंट तैयार किया जा रहा है, वहीं सभी स्कूलों के शिक्षकों को अभिभावकों के मोबाइल नंबर एकत्र कर व्हाट्सऐप ग्रुप बनाने को कहा गया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक रोहित जमवाल ने बताया कि ई कंटेंट बनाने का काम जारी है।
16 अप्रैल से बच्चों तक डिजिटल सामग्री पहुंचना शुरू हो जाएगी। एक साथ सभी विषयों की पढ़ाई शुरू करने की जगह पहले गणित और हिंदी को चुना गया है। इसी बीच अन्य विषयों की सामग्री भी तैयार हो जाएगी। उन्होंने बताया कि बच्चों को रोजाना दिए जाने वाले होमवर्क को पूरा करने के बाद उसकी फोटो खींचकर वापस व्हाट्सऐप ग्रुप में डालना होगा। इसको जांचने के बाद शिक्षक गलतियों को दुरुस्त करवाएंगे।
इस अभियान के तहत बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के साथ शिक्षकों को भी प्रशिक्षण से संबंधित सामग्री भेजी जाएगी। इसके माध्यम से शिक्षक भी स्वयं को अपडेट रख सकेंगे। निदेशक ने बताया कि गुरुवार को इस बाबत सभी जिला अधिकारियों सहित बीआरसी और बीईओ को आदेश जारी कर दिए हैं। सभी अधिकारियों को पूरी निष्ठा के साथ इस विशेष अभियान को सफल बनाने की अपील की गई है।