ऐसे पहुंच सकते हैं सोलंगनाला
कुल्लू देश के अन्य हिस्सों के साथ सड़कों और हवाई मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। कुल्लू और मनाली में एचआरटीसी बस स्टैंड से सभी बड़े शहरों के लिए बसें उपलब्ध हैं। स्थानीय टैक्सी स्टैंड से भी टैक्सी सेवा ले सकतें है। कुल्लू अच्छी तरह से वायुमार्ग से जुड़ा हुआ है और कुल्लू-मनाली हवाई अड्डा जो भुंतर में स्थित है, से दिल्ली के लिए उड़ानें मिल सकती हैं। भुंतर कुल्लू से 10 किमी और मनाली से 50 किलोमीटर दूर है। दिल्ली से कुल्लू की दूरी 570 किमी व शिमला से कुल्लू की दूरी 260 किमी है।
सोलंगनाला
सोलंगनाला चारों ओर ऊंची चोटियों के बीच देवदार के घंने जंगल से घिरी ढलान के साथ फैला एक खुला घास का मैदान है। मनाली से 13 किमी दूर सोलंगनाला, रिसॉर्ट टाउनशिप के बाहरी इलाके में सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक है। सोलंगनाला प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के साथ साहसिक गतिविधियों के लिए भी जाना जाता है। सोलंग में गर्मियों और सर्दियों दोनों में पर्यटन गतिविधियों की भरमार रहती है। सोलंगनाला में कई तरह की साहसिक खेल गतिविधियां होती है, जिनमें क्वाड-बाइक राइड, जोरबिंग, पैराग्लाइडिंग, रिवर क्राॅसिंग, जिप लाइन, रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग और गंडोला (रोपवे) राइड, रॉक क्लाइंबिंग, बैलूनिंग, कैंपिंग और पर्वतारोहण शामिल हैं। सर्दियों में बर्फ से भरी ढलानें स्कीइंग के लिए शीतकालीन खेल क्षेत्र बन जाती हैं, जहां नियमित रूप से राज्य और राष्ट्रीय स्तर की स्कीइंग चैंपियनशिप भी आयोजित की जाती हैं। सोलंग, अंजनी महादेव, हनुमान टिब्बा और पातालसू शिखर पर पर्वतारोहण अभियानों के लिए आधार शिविर के रूप में भी कार्य करता है।