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Eco Tourism: पर्यटन स्थल सोलंगनाला का होगा कायाकल्प, तीन करोड़ होंगे खर्च, सैलानियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

Fri, 15 Nov 2024 05:18 PM IST
Krishan Singh रोशन ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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सोलंगनाला - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सोलंगनाला का कायाकल्प होगा। वन विभाग ईको टूरिज्म के तहत सोलंगनाला की सूरत बदलने जा रहा है। स्कीइंग व पैराग्लाइडिंग के विख्यात सोलंगनाला नए रंग रूप में नजर आएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर वन विभाग तीन करोड़ से अधिक की राशि खर्च करने जा रही है। पर्यटन नगरी के सौंदर्यीकरण के साथ स्कीइंग स्लोप को बेहतर ढंग से तैयार किया जाएगा। इसके अलावा घोड़े वालों के लिए अलग से रास्ते का निर्माण किया जाएगा। सोलंगनाला कुल्लू-मनाली का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यहां सालाना लाखों की संख्या में पर्यटक सैर-सपाटे को पहुंचते हैं। मनाली-लेह हाईवे तीन पर स्थित सोलंगनाला पर्यटन नगरी मनाली से 13 किलोमीटर दूर है।

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सैलानियों की पहली पसंद
यह स्थल सैलानियों की पहली पसंद है और बर्फबारी के दौरान यहां पर्यटकों का तांता लगा रहा है। वन विभाग ईको टूरिज्म के अंतर्गत सोलंगनाला के समतल वाले क्षेत्र का सौंदर्यीकरण करने जा रहा है। इसके अलावा यहां चारों तरफ फेंसिंग का काम भी होगा। वहीं, स्कीइंग के लिए स्कीयरों की पंसदीदा स्लोप की भी कायाकल्प होगी। इसे और भी बेहतर ढंग से विकसित किया जाएगा। इसे स्कीइंग के शौकीनों को आने वाले समय और भी मजा आने वाला है। वहीं इको टूरिज्म के तहत प्रसिद्ध धार्मिक स्थल अंजनी महादेव के लिए ट्रैक बनेगा जिसे घोड़े वालों को भी सुविधा होगी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर तीन करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जाएगी। ऐसे में सोलंगनाला में सैलानियों को और भी बेहतर सुविधा मिलेगी।

सोलंगनाला पर ईको टूरिज्म के तहत तीन करोड़ से भी राशि खर्च की जाएगी। इसे पूरे सोलंगनाला का विकसित किया जाएगा। यह अब पहले से अधिक सुंदर दिखेगा और पर्यटकों को स्कीइंग, पैराग्लाइडिंग व ट्रैक की अच्छी सुविधा मिलेगी।- एंजल चौहान वन मंडलाधिकारी कुल्लू।

ऐसे पहुंच सकते हैं सोलंगनाला
कुल्लू देश के अन्य हिस्सों के साथ सड़कों और हवाई मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। कुल्लू और मनाली में एचआरटीसी बस स्टैंड से सभी बड़े शहरों के लिए बसें उपलब्ध हैं। स्थानीय टैक्सी स्टैंड से भी टैक्सी सेवा ले सकतें है। कुल्लू अच्छी तरह से वायुमार्ग से जुड़ा हुआ है और कुल्लू-मनाली हवाई अड्डा जो भुंतर में स्थित है, से दिल्ली के लिए उड़ानें मिल सकती हैं। भुंतर कुल्लू से 10 किमी और मनाली से 50 किलोमीटर दूर है। दिल्ली से कुल्लू की दूरी 570 किमी व शिमला से कुल्लू की दूरी 260 किमी है। 
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सोलंगनाला 
सोलंगनाला चारों ओर ऊंची चोटियों के बीच देवदार के घंने जंगल से घिरी ढलान के साथ फैला एक खुला घास का मैदान है। मनाली से 13 किमी दूर सोलंगनाला, रिसॉर्ट टाउनशिप के बाहरी इलाके में सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक है। सोलंगनाला प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के साथ साहसिक गतिविधियों के लिए भी जाना जाता है। सोलंग में गर्मियों और सर्दियों दोनों में पर्यटन गतिविधियों की भरमार रहती है। सोलंगनाला में कई तरह की साहसिक खेल गतिविधियां होती है, जिनमें क्वाड-बाइक राइड, जोरबिंग, पैराग्लाइडिंग, रिवर क्राॅसिंग, जिप लाइन, रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग और गंडोला (रोपवे) राइड, रॉक क्लाइंबिंग, बैलूनिंग, कैंपिंग और पर्वतारोहण शामिल हैं। सर्दियों में बर्फ से भरी ढलानें स्कीइंग के लिए शीतकालीन खेल क्षेत्र बन जाती हैं, जहां नियमित रूप से राज्य और राष्ट्रीय स्तर की स्कीइंग चैंपियनशिप भी आयोजित की जाती हैं। सोलंग, अंजनी महादेव, हनुमान टिब्बा और पातालसू शिखर पर पर्वतारोहण अभियानों के लिए आधार शिविर के रूप में भी कार्य करता है।
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