हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की आपात बैठक में बहुचर्चित सहायक आचार्य भर्ती के 56 लिफाफे खोल दिए गए। इनमें 30 पदों के लिए साक्षात्कार वर्ष 2012 में भाजपा कार्यकाल और 26 पदों के लिए साक्षात्कार वर्ष 2014 में मौजूदा कांग्रेस सरकार के समय में हुए थे।
अब दो अगस्त को फिर होने जा रही कार्यकारी परिषद की बैठक में चयनित उम्मीदवारों के नामों की सूची जारी कर दी जाएगी। एचपीयू के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी की अध्यक्षता में वीरवार को ईसी की आपात बैठक में सदस्यों ने तीन घंटे के मंथन के बाद सहायक आचार्य पदों के लिए चयनित उम्मीदवारों के लिफाफे खोले दिए गए।
ईसी ने अधिष्ठाता अध्ययन की अध्यक्षता में हाई पॅावर कमेटी गठित की है, जो खोले गए लिफाफों में शामिल नामों की वर्ष 2016 में अपनाए नए नियमों एवं शर्तों के हिसाब से छंटनी करेगी। इसमें यह देखा जाएगा कि 2009 से पूर्व यूजीसी नियमों में छूट प्राप्त पीएचडी धारक नए संशोधित नियमों को पूरा करते हैं या नहीं।
हालांकि, नेट/सेट/एसएलईटी पास उम्मीदवार पात्र होंगे। इसके बाद ही कमेटी दो अगस्त को अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। इसी दिन चयनित उम्मीदवारों के नामों की सूची जारी हो जाएगी। चार साल से लटकी भर्ती पर फैसला होने से अब शेष बचे शिक्षकों के साक्षात्कार और भर्ती का रास्ता भी खुलेगा।
बैठक में प्रति कुलपति प्रो. राजेन्द्र सिंह चौहान, ईसी सदस्य व विधायक बंबर ठाकुर, हरीश जनार्था, चंद्रशेखर, कुलसचिव डा. जेएस नेगी, डा. केके वैद्य, आचार्य हिम चटर्जी, आचार्य एमएस चौहान, प्रो. जेबी नड्डा, डॉ. श्यामा जोशी, डा. कृष्ण वैद्य और राज कुमारी उपस्थित रहे।
पात्रता शर्त के कारण लटका था मामला
पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में सहायक आचार्य पदों के लिए साक्षात्कार हुए थे। इसमें विवि ने यूजीसी नियमों के मुताबिक 2009 में पीएचडी पूरी कर चुके या पंजीकृत पीएचडी डिग्री धारकों को शिक्षक भर्ती में पात्र होने की छूट दी थी। कुल 16 शर्तों में से छह शर्त पूरी करने वालों को पात्र होने के प्रमाण पत्र दिए थे।
2014 में विज्ञापित पदों में भी एचपीयू ने इन पीएचडी धारकों को छूट दी। मार्च 2015 में सर्वोच्च न्यायालय के पी सुशीला मामले में निर्णय आने के बाद पेचिदगियां पैदा हो गईं। इससे नतीजे लटकते रहे। विवि अब इन खोले गए लिफाफों के बाद देखेगा कि इनमें नए नियमों के मुताबिक कितने ऐसे पीएचडी धारक पात्र हैं।
ईसी में ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। सहायक आचार्य के 56 पदों के नतीजे तकनीकी तौर पर घोषित कर दिए हैं। उच्च स्तरीय कमेटी एक सप्ताह में नए पीएचडी नियमों के तहत पात्र उम्मीदवारों की छंटनी करेगी। इसके बाद सूची जारी होगी। सभी सदस्यों की सहमति के बाद लिफाफे खोले गए हैं।- प्रो. एडीएन वाजपेयी, कुलपति एचपीयू