फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Earthquake: हिमाचल के लाहौल-स्पीति में भूकंप के झटके, इतनी रही तीव्रता

Fri, 02 Aug 2024 11:50 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

लाहौल-स्पीति जिले में शुक्रवार सुबह भूकंप दर्ज किया गया।  हालांकि, भूकंप की तीव्रता कम होने के चलते किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। 
विज्ञापन
भूकंप - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में शुक्रवार सुबह भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.2 आंकी गई और इसका केंद्र जमीन के भीतर पांच किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप सुबह करीब 9:45 बजे आया। हालांकि, भूकंप की तीव्रता कम होने के चलते किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। बता दें, हिमाचल भूकंप की दृष्टि से सिस्मिक जोन चार और पांच में आता है। कांगड़ा, चंबा, लाहौल, कुल्लू और मंडी भूकंप की दृष्टि से सबसे अति संवेदनशील क्षेत्र हैं। कांगड़ा में 4 अप्रैल, 1905 की अल सुबह आए 7.8 की तीव्रता वाले भूकंप में 20 हजार से ज्यादा इंसानी जानें चली गई थीं। भूकंप से एक लाख के करीब इमारतें तहस-नहस हो गई थीं, जबकि 53 हजार से ज्यादा मवेशी भी भूकंप की भेंट चढ़ गए थे।

विज्ञापन


कैसे आता है भूकंप?
वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है। भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें