कांगड़ा जिले के उपमंडल पालमपुर में 30, धर्मशाला-मैक्लोडगंज में 36 परमिट, उप-मंडल चंबा (सदर) में पांच, भटियात में नौ, कल्पा, रिकांगपिओ में 15, सांगला में 10, नाहन उप-मंडल में 15, राजगढ़ में दो परमिट की अनुमति होगी। वहीं, जोगिंद्रनगर में 15, पधर में 35, सरकाघाट में पांच, धर्मपुर में पांच, उप-मंडल कुल्लू में 30, भुंतर में 15, बंजार में 20, मनाली में 30, पतलीकुहल में 15, नग्गर में 15 परमिट,ठियोग में छह, रोहड़ू में 20, उप-मंडल कंडाघाट में तीन, अर्की में दो, नालागढ़ में 10, बद्दी में 15।
ऊना जिला के हरोली उप-मंडल में 17, शेष ऊना जिला (ऊना मुख्यालय और अन्य क्षेत्र) में 20 परमिट की अनुमति होगी। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इन उप-मंडलों, क्षेत्रों में केवल ई-रिक्शा के ही नए पंजीकरण की अनुमति दी जाएगी। राज्य के शेष उप-मंडलों में ऑटो-रिक्शा, ई-रिक्शा का परिचालन निषिद्ध रहेगा, हालांकि, यह प्रतिबंध राज्य में वैध परमिट के आधार पर पहले से चल रहे ऑटो-रिक्शा पर लागू नहीं होगा। इस अधिसूचना के तहत पंजीकृत, अधिकृत प्रत्येक ई-रिक्शा के परिचालन का क्षेत्र संबंधित उप-मंडल के मुख्यालय से 20 किलोमीटर की परिधि तक ही सीमित रहेगा।
उन्होंने बताया कि एक बार जब ई-रिक्शा एक विशेष उप-मंडल में पंजीकरण या संचालन के लिए अधिकृत हो जाता है, तो निर्धारित मुख्यालय स्थायी और अपरिवर्तित रहेगा, जिसे किसी भी परिस्थिति में बदला, स्थानांतरित या परिवर्तित नहीं किया जाएगा। वाहन उसी उप-मंडल की न्यायिक सीमाओं के भीतर संचालित होगा और निर्धारित दायरे से बाहर कोई भी परिचालन इस अधिसूचना और मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रावधानों का उल्लंघन माना जाएगा।