बुधवार शाम को जहां नाग धूंबल सांस्कृतिक संध्या के दौरान ही कलाकेंद्र में पहुंच गए थे, वहीं गुरुवार को ऊझी घाटी के देवता गौहरी डमचीण ने नाराजगी जाहिर की।
कुल्लू दशहरा उत्सव में देवी-देवताओं की नाराजगी भी देखने को मिल रही है। बुधवार शाम को जहां नाग धूंबल सांस्कृतिक संध्या के दौरान ही कलाकेंद्र में पहुंच गए थे, वहीं गुरुवार को ऊझी घाटी के देवता गौहरी डमचीण ने नाराजगी जाहिर की। बैठने की जगह को लेकर नाराज हुए देवता गौहरी पहले नाग धूंबल के पास पहुंचे। नाग धूंबल ने बुधवार को प्रशासन के अधिकारियों को मामला सुलझाने को कहा था। मामला न सुलझते देख देवता गौहरी उपायुक्त आवास की ओर चल पड़े। देवता को उपायुक्त आवास की ओर जाता देख सभी उनके पीछे दौड़े।
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उपायुक्त आवास पर होमगार्ड के जवान ने देवता से मान-मनौव्वल किया, लेकिन देवता नहीं माने। आखिर में उपायुक्त आशुतोष गर्ग को देवता की बात सुननी पड़ी। दरअसल डमचीण के देवता गौहरी पहले प्रदर्शनी मैदान में बैठते थे। यहां पर जगह काफी तंग हो गई थी। देवता अपनी पुरानी जगह पर ही बैठने की बात पर अड़े थे। इसके बाद देवता को दशहरा उत्सव कमेटी ने मेला मैदान में शाट के देवता गौतम ऋषि के साथ बैठाया। जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि मामले को सुलझा लिया गया है। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि देवता की बात सुनने के बाद मसले को हल किया गया है।