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Shimla News: कालीबाड़ी मंदिर में संधि पूजा के लिए दुर्गा मां की मूर्ति तैयार

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मंदिर में आज भी कायम है त्रेता युग की परंपरा
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छठे नवरात्र पर कालीबाड़ी हॉल में स्थापित होंगी मूर्तियां
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक कालीबाड़ी मंदिर में संधि पूजा के लिए दुर्गा माता की मूर्ति बनकर तैयार हो गई है। इसके अलावा माता सरस्वती, माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की मूर्तियां भी बनाई गई हैं।

यह सभी मूर्तियां 16 अक्तूबर को छठे नवरात्र पर कालीबाड़ी हॉल में स्थापित की जाएंगी। वहीं अष्टमी की सुबह संधि पूजा की जाएगी जिसमें बंगाली समुदाय के लोग बड़ी संख्या में हिस्सा लेते हैं। इन मूर्तियों को बंगाल के रहने वाले 60 वर्षीय कारीगर कमल चित्रकार ने तैयार किया है। कमल ने बताया कि वह 38 वर्षों से कालीबाड़ी मंदिर में नवरात्र के दौरान स्थापित होने वाली मूर्तियां बनाते आ रहे हैं। इन्हें तैयार करने में एक सप्ताह का समय लगता है। उन्होंने बताया कि मूर्तियों के चेहरे और हाथ बनाने में इस्तेमाल होने वाली मिट्टी बंगाल से लाई गई है, जबकि मूर्तियों के बाकी हिस्सों को बनाने के लिए प्रदेश की मिट्टी का इस्तेमाल किया है।
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शहर के कालीबाड़ी मंदिर में आज भी त्रेता युग से चली आ रही मां चामुंडा के प्रति आस्था कायम है। यहां हर वर्ष शारदीय नवरात्र में संधि पूजा आयोजित की जाती है। इस विशेष पूजा के लिए कोलकाता से 108 कमल के फूल मंगवाए जाते हैं। इन फूलों को मां चामुंडा की संधि पूजा में अर्पित किया जाएगा।
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संधि पूजा का महत्व
मान्यता है कि चंड और मुंड का संहार करने के लिए मां दुर्गा ने चामुंडा का रूप धारण किया था, उस समय अष्टमी तिथि के अंतिम 24 मिनट और नवमी तिथि के शुरुआती 24 मिनट थे। इसी अवधि में मां चामुंडा ने चंड और मुंड का वध किया था। अष्टमी और नवमी तिथि के मिलन काल में होने के कारण इस पूजा को संधि पूजा कहा जाता है। मां को प्रसन्न करने के लिए संधि पूजा में 108 कमल के फूल अर्पित किए जाते हैं।
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