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धार्मिक स्थलों पर लगातार हो रहे हमले, गहरी नींद में सो रही पुलिस

Tue, 05 Dec 2017 12:48 PM IST
संजय भारद्वाज/सुरेश तोमर/अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
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पांवटा साहिब क्षेत्र में शरारती तत्व लगातार एक समुदाय विशेष के धार्मिक स्थलों को निशाने पर ले रहे हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन अभी तक किसी भी मामले का खुलासा नहीं कर पाया है। ताजा प्रकरण के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। 
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पुलिस संदिग्धों तक पहुंचने के दावे कर रही है। पचास से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है, लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं। पांवटा क्षेत्र के दो धार्मिक स्थलों में शरारती तत्व पहले भी घटिया हरकतें कर चुके हैं। सोमवार को हुई वारदात पहली नहीं है। 

इससे पहले भी ऐसी हरकतें हुई हैं। इन मामलों को क्या पुलिस गंभीरता से ले रही है? इन अति संवेदनशील मामलों में पुलिस जांच भी धीमी रही है। यही वजह है कि आक्रोशित लोग सोमवार को सड़कों पर उतरे और लगभग एक घंटे तक नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। 
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पुलिस सूत्रों की मानें तो पूर्व में हुई पटाखा बम फोड़ने और आग लगाने के मामले में मौका-ए-वारदात से लिए गए फिंगर प्रिंट के आधार पर पुलिस जांच में जुटी हुई है। इस मामले में पुलिस 50 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। 

एफएसएल की टीम ने जुटाए साक्ष्य

जबकि लगभग 15 लोगों के फिंगर प्रिंट्स लिए गए हैं। डीएसपी पांवटा साहिब प्रमोद चौहान ने बताया कि तीनों मामलों को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। तीनों मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। 

एफएसएल के साक्ष्यों के आधार पर जांच चल रही है। पूर्व में हुए दोनों मामलों में 50 लोगों से पूछताछ हुई। 15 संदिग्धों के फिंगर प्रिंट्स मैचिंग के लिए लैब को भेजे गए हैं। रिपोर्ट मिलते ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।

डीएसपी प्रमोद चौहान ने बताया कि मेलियों में हुई वारदात की तय तक जाने के लिए एफएसएल की टीम बुलाई है। टीम पांवटा पहुंच गई है। टीम के साथ मौके पर जाकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मौके से फिंगर प्रिंट भी लिए जाएंगे। इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। वारदात को अंजाम देने वालों को जल्द से जल्द दबोचने के प्रयास किए जाएंगे।
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कौन रच रहा है आपसी सौहार्द बिगाड़ने की साजिश 

पांवटा उप मंडल क्षेत्र में खुराफाती शरारती तत्वों ने आपसी सौहार्द बिगाड़ने की सारी हदें पार कर दी है। पिछले एक वर्ष से जानबूझ कर धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है जिससे प्रेम और आपसी भाईचारे से रहने वाले विभिन्न धर्म समुदाय के लोगों में धार्मिक उन्माद बढ़ाया जा सके।

पिछले दो माह के भीतर पांवटा में यह तीसरी वारदात है। दो वर्षों में पिपलीवाला गांव में ही उकसाने वाली करीब आधा दर्जन वारदातें शरारती तत्व कर चुके हैं। विगत 7 अक्टूबर 2017 को पहले पिपलीवाला गांव के धार्मिक स्थल पर सुतली बम फोड़ कर दहशत फैलाने का प्रयास हुआ।

अभी माजरा पुलिस टीम इन मामले की जांच पूरी नहीं कर सकी थी कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 7 नवंबर की रात फिर शरारती तत्वों ने इसी धार्मिक स्थल को निशाना बना दिया। सोमवार को जिला प्रशासन और पुलिस विभागीय अधिकारियों से लोगों ने इस बात पर साफ शब्दों में नाराजगी भी जताई है।

पिपलीवाला मामलों में सुस्त जांच के चलते क्षेत्र में इतनी बड़ी घटना हो गई। रविवार की मध्य रात्रि को अब साथ लगती पंचायत माजरा में सभी हदों को पार करते हुए, आगजनी और धार्मिक पुस्तकों को आग के हवाले करना, शरारती तत्वों की बढ़ती हिमाकत को दर्शाता है।

ताजा वारदात ऐसे शरारती तत्वों के बढ़ते हौसलों की तरफ भी इशारा कर रहा है। उधर, डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान ने कहा कि इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।

माजरा व मेलियों समेत आसपास के लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है। तीन दिनों के भीतर शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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