पंचायत प्रधान अंजू देवी ने बताया कि कोकसर पंचायत में बर्फबारी के दिनों में कोई बीमार पड़ जाए तो उसे घाटी से बाहर निकालना तो दूर 12 किलोमीटर दूर सिस्सू पीएचसी पहुंचाना भी मुश्किल पड़ जाता है। बताया कि कोकसर से लेकर गुफा होटल तक हिमखंड गिरने का खतरा रहता है।
उन्होंने बताया कि कोकसर पंचायत के लोग दशकों से उस क्षेत्र में हेलीपैड बनाने की सरकार से मांग कर रहे हैं। लेकिन आज तक कोकसर पंचायत में हेलीपैड नहीं बन पाया है और न ही इस पंचायत में पीएचसी खोली गई है।
स्थानीय निवासी रतन सिंह ने बताया हेलीपैड के बन जाने पर लोग आपात परिस्थिति में यहां से बाहर निकाल सकते हैं। इंस्पेक्शन विंग के उपनिदेशक चिरंजी लाल ने बताया कि सर्दियों में कोकसर पंचायत के लोग कुल्लू और मनाली के लिए पलायन कर जाते हैं।
कहा कि इसके मद्देनजर कोकसर पाठशाला में तैनात अध्यापक और एक बच्चे को दूसरे स्कूल में भेज दिया है। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. मुरारी लाल ने बताया कि आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में तैनात डॉक्टर को केलांग भेज दिया है।
दोनों अधिकारी ने बताया कि यह उनके अपने आदेश पर नहीं, बल्कि समस्त पंचायत के लोगों के विंटर में पलायन पर अनापत्ति प्रमाणपत्र पर यह आदेश किए हैं।