जिला अस्पताल बिलासपुर में तीन दिन पहले जुखाला की हेमा देवी को प्रसव पीड़ा के चलते भर्ती करवाया गया। पहले दिन डॉक्टर ने जच्चा-बच्चा को स्वस्थ बताया। दूसरे दिन सुबह उपस्थित डॉक्टर व स्टाफ नर्स ने सामान्य प्रसव होने की बात कह कर उनके परिजनों को रूम से बाहर कर दिया।
हेमा के पति जितेंद्र सिंह ने बताया कि जब उसकी पत्नी की हालत गंभीर होने लगी तो स्टाफ नर्स ने उन्हें मिलने तक नहीं दिया। भारी प्रसव पीड़ा के चलते जब नर्स को डॉक्टर बुलाने के लिए कहा तो बात सुननी तो दूर गालियां देना शुरू कर दीं और धक्के मारकर बाहर निकाल दिया।
चंद ही मिनटों में जो स्टाफ नर्स सामान्य प्रसव होने की बात कह रही थी वह कहने लगी कि साधनों के अभाव के चलते यहां प्रसव नहीं हो सकता। मरीज को यहां से ले जाओ। जितेंद्र ने बताया कि वह पत्नी को बिलासपुर स्थित निजी अस्पताल ले गए।
अल्ट्रासाउंड से पता चला कि 20 मिनट पहले ही बच्चा पेट में दम तोड़ चुका था। उनका कहना है कि अगर अस्पताल में प्रसव कराने के साधन नहीं थे तो मरीज को भर्ती ही क्यों किया। ऐन मौके पर रेफर क्यों किया। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से डॉक्टर व स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की।
एक अन्य तीमारदार मदनलाल का कहना है कि इसी दिन उनकी पत्नी निशा कुमारी का भी प्रसव होना था, उन्हें भी निजी अस्पताल का रुख करना पड़ा। सीएमओ बिलासपुर वीके चौधरी का कहना है कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
अगर ऐसा मामला है तो इसकी जांच की जाएगी और परिजनों की शिकायत पर उचित कार्रवाई होगी। बिलासपुर जिला अस्पताल में एक महिला और एक पुरुष गायनी विशेषज्ञ हैं। घटना के दिन महिला विशेषज्ञ छुट्टी पर थी।
परिजन आरोप लगा रहे हैं कि अब मरीज को ढंग से देखा होता तो शायद उनके बच्चे की जान न जाती। बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के गृह जिले में ही स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। बीते दिन ही एमडी और एक सर्जन का यहां से हमीरपुर तबादला हुआ है।
एमएस डॉक्टर राजेश आहलुवालिया का कहना है कि वह तीन दिन से ट्रेनिंग पर शिमला गए हुए थे। अगर परिजनों की शिकायत आई है तो कार्रवाई होगी। लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी।
नयना देवी से विधायक व पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर ने सरकार व अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकारी अस्पताल में ही जच्चा-बच्चा सुरक्षित नहीं है तो लोग यहां उम्मीद लेकर क्यों आएंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस मसले को लेकर उचित कार्रवाई की मांग की है।