हिमाचल प्रदेश चंबा के क्षेत्रीय चिकित्सालय चंबा में दाखिल एक गर्भवती महिला को हैपेटाइटिस बी संक्रमण हो गया है। इसका पता चलते ही चिकित्सक ने गर्भवती को चंबा से टांडा रेफर कर दिया है।
महिला का ऑपरेशन सोमवार को तय था जिसके चलते महिला को चंबा अस्पताल लाया गया। यहां महिला के रक्त की जांच की गई और महिला में औसत मात्रा से कम खून होने की पुष्टि हुई।
महिला की अन्य सभी रिपोर्ट सामान्य बताई गई थी, जिस पर चिकित्सक ने महिला को खून का इंतजाम करने की सलाह दी। महिला का पति ब्लड बैंक पहुंचा और वहां पर उसे एक यूनिट रक्त दे दिया।
रक्त चढ़ाने के बाद सामने आए लक्षण
ब्लड बैंक से लाया गया रक्त महिला को चढ़ाया गया। इस घटना के डेढ़ दिन बाद जब दोबारा महिला के रक्त की जांच हुई तो आश्चर्यजनक रूप से महिला में हैपेटाइटिस बी के लक्ष्ण पाए गए।
इसके बाद महिला के पति ने हंगामा शुरू कर दिया। महिला के पति देस राज ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी अस्पताल में ही संक्रमित हुई है।
जबकि इससे पूर्व उसने गर्भावस्था के दौरान खुद के और अपनी पत्नी के सभी जरूरी परीक्षण समय पर करवा लिए थे, जिनकी रिपोर्ट में किसी भी बीमारी का खुलासा नहीं हुआ। मामले का खुलासा होते ही महिला को चंबा से टांडा रेफर कर दिया गया है ताकि उसे और उसके बच्चे को सही उपचार मिल सके।
क्या होता है हैपेटाइटिस बी
हैपेटाइटिस बी एक वायरस है, जो इंसान के शरीर में प्रवेश करने के बाद व्यक्ति के लीवर को क्रियाहीन कर देता है। सही समय पर इसका उपचार न मिलने पर संक्रमित व्यक्ति की चार माह के भीतर मौत हो सकती है।
एक बार यदि इसका वायरस व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाए तो 72 घंटों के भीतर यह इंसान के शरीर पर अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर देते हैं। हालांकि समय पर इसका इलाज करवाने से व्यक्ति पूरी तरह से ठीक हो जाता है।
कैसे होता है हैपेटाइटिस बी
संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से, दूषित रक्त चढ़ाने से या दूषित सूई के प्रयोग से हैपेटाइटिस का संक्रमण हो सकता है। यह बीमारी एक से दूसरे के शरीर में प्रवेश करती है और व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को खत्म कर देती है।
सेप्टिक रूम नहीं है, इसलिए रेफर किया : डॉ. राशि
क्षेत्रीय चिकित्सालय चंबा की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राशि ने बताया कि चंबा में सेप्टिक डिलीवरी रूम की सुविधा नहीं है। इससे संक्रमण फैलने की दृष्टि से महिला को मेडिकल कॉलेज टांडा रेफर किया गया है। महिला को टांडा में बेहतर उपचार मिल सकता है।
मामले की जांच कर रहे हैं: सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अशोक गुप्ता ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में नहीं है। अगर इसकी शिकायत आती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग मामले की पड़ताल कर रहा है।
सिर्फ खून की जरूरत थी: पति
पीड़ित पति देस राज का कहना है कि उसकी पत्नी के पूर्व के सभी परीक्षण दुरुस्त थे। उसे सिर्फ खून की जरूरत थी। ब्लड बैंक से उसने खून लिया था और उसके बाद लिए गए परीक्षण में उसकी पत्नी के संक्रमित होने की सूचना मिली है।