हिमाचल प्रदेश दृष्टिहीन जन संगठन ने बुधवार को राज्य सचिवालय के पास स्थित छोटा शिमला बस स्टॉप पर प्रदर्शन किया। बैकलॉग के पद भरने की मांग करते हुए संगठन ने मुख्य सचिव अनिल खाची की अध्यक्षता में हाई पॉवर कमेटी की बैठक बुलाने की मांग की। कहा, जब तक बैठक नहीं बुलाई जाएगी तब तक सचिवालय के समीप प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान चक्का जाम के प्रयास में जुटे प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की हल्की धक्का मुक्की भी हुई।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शोभू राम ने बताया कि प्रदेश की सत्ता पर काबिज हुई सभी सरकारों ने उनकी अनदेखी की है। इस दिव्यांग वर्ग के लिए आरक्षित पदों का बैकलॉग अभी तक भरा नहीं गया है। दृष्टिहीन लोगों के लिए आरक्षित पदों पर कई लोगों ने फर्जी तरीके से नौकरी भी हथिया ली है। उन्होंने सरकार से इस मामले की विजिलेंस जांच करवाने और पात्र दृष्टिहीनों को जल्द से जल्द नौकरी देने की मांग की है।
संगठन ने दोपहर बाद सचिवालय में उप सचिव वेलफेयर के साथ मुलाकात कर मुख्य सचिव के साथ बैठक की मांग उठाई। शोभू राम ने बताया कि विधानसभा सत्र के मानसून सत्र के दौरान भाजपा विधायक रमेश धवाला ने बैकलॉग से संबंधित सवाल पूछा था। इसमें सरकार ने बताया था कि तीन हजार से ज्यादा पद रिक्त हैं।
शोभू राम ने कहा कि जब सरकार स्वयं मान रही है कि तीन हजार पद रिक्त हैं तो सात सौ पात्र लोगों को नौकरियां क्यों नहीं दी जा रहीं। उन्होंने कहा कि पांच अक्तूबर 2019 को हुई बैठक की तर्ज पर दोबारा बैठक होनी चाहिए। इस बैठक में मुख्यमंत्री को भी समस्याएं जानने के लिए शामिल होना चाहिए।