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इंसानों को ऐसा पानी पिलाया जो जानवर भी नहीं पीते

Tue, 17 Feb 2015 06:20 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला
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घोर लापरवाही करते हुए आईपीएच विभाग ने लोगों को पशुओं को नहलाने वाला पानी पिला दिया। अब यहां पीलिया का प्रकोप फैल गया है।
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तारादेवी में पशुओं को नहलाने के लिए सप्लाई किए जाने वाले पानी को इंसानों को पिला दिया गया। इसी का नतीजा रहा कि इस क्षेत्र में पीलिया ने पांव पसार लिए।

सोमवार को सचिवालय में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में स्वास्थ्य एवं आईपीएच के अधिकारियों की बैठक में इसका खुलासा हुआ।
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ये हुई लापरवाही

बैठक में तय किया गया कि इस क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति करने के लिए अलग से लाइन बिछाई जाए, जिससे भविष्य में ऐसी गलती की पुनरावृत्ति न होने पाए।

तारादेवी और शोघी क्षेत्र से पीलिया के मरीज सामने आ रहे थे। इससे स्वास्थ्य महकमे के माथे पर बल पड़ गए थे। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक बुलाई।

इसमें यह तथ्य सामने आया कि एक ही पाइपलाइन से पशुओं और इंसानों के लिए पानी की आपूर्ति तारा देवी क्षेत्र के एचआरटीसी वर्कशाप के लिए किया जा रहा था। यहां पर दो टैंक बनाए गए थे।

इंसानों को जो पानी आपूर्ति किया जाता था। उसमें क्लोरीन डाली जाती था, जबकि पशुओं को नहलाने के लिए पानी की सप्लाई ऐसे ही की जा रही थी।

अस्पताल में अब तक पहुंचे 32 मामले

एक दिन गलती से आईपीएच की ओर से पशुओं को नहलाने वाले पानी की आपूर्ति कर दी गई, जिसे पीने से पीलिया का प्रकोप बढ़ता चला गया। भविष्य में ऐसी गलती को दोहराया न जाए। इसके लिए एक अलग से लाइन डालने के लिए स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने निर्देश दिया।

राजधानी में पीलिया के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। फरवरी माह में पिछले 15 दिनों के भीतर 29 मामले अस्पताल में पहुंच चुके हैं।

वहीं सोमवार को तीन मामले कालीबाड़ी, रोहडू, नवबहार से आए हैं, जिससे आंकड़ा बढ़कर 32 जा पहुंचा है। वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. पीएल गौंटा ने बताया कि शहर में पीलिया के मामले अलग अलग जगहों से आ रहे हैं। समय रहते अस्पताल आकर इलाज कराएं।
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ऐसे करें पीलिया की पहचान

लक्षण: घुटने से नीचे टांगों में थकावट आना, भूख कम होना, आंखों व नाखूनों में पीलापन होना, कमजोरी महसूस होना।

पहचान: जी मिचलाना, उलटियां होना, सिर के दाहिने भाग में दर्द होना, पेशाब का पीला आना पीलिया के रोगियों की पहचान होती है।

उपाय: पानी उबालकर पीना, शौच जाने के बाद हाथों को साबुन से धोना, घर में नियमित सफाई करना, ताजा खाना खाना, खाने के बर्तनों को ढक कर रखना। पीलिया होने पर खिचड़ी, छाछ, दलिया, चीकू, पपीता, मूली का सेवन भी पीलिया के रोगी के लाभदायक है।


प्रदेश भर में भरे जाएं पानी के सैंपल
स्वास्थ्य मंत्री ने आईपीएच के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल आफिसर तक को पानी के सैंपल लेने के लिए निर्देश दिए, जिससे आम लोगों को शुद्ध पानी पिलाया जा सके।

इसका भी ध्यान रखने के लिए कौल सिंह ठाकुर ने कहा। गर्मी आने वाली है। ऐसे में पीलिया, डायरिया जैसी बीमारियों के मरीज बढ़ सकते हैं। ऐसे में अभी से ही एहतियात बरती जाए।
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