विद्यार्थियों की लिखावट के नमूने लेकर की जांच
राजकीय उच्च पाठशाला ज्योरा के विद्यार्थियों ने मार्च में झंडूता स्कूल में परीक्षा दी थी। 11 विद्यार्थी ड्राइंग में कम अंक आने पर संतुष्ट नहीं थे। उनका आरोप था कि परीक्षा केंद्र में उत्तरपुस्तिका में उनके लिखे गए उत्तर काटकर किसी ने गलत लिखे हैं। उत्तरपुस्तिकाओं में जहां-जहां भी शब्द काट कर लिखे गए थे, उसे विद्यार्थियों ने अपनी हैंडराइटिंग नहीं बताया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बोर्ड ने नवंबर 2025 में विद्यार्थियों की लिखावट के नमूने लेकर उनकी उत्तरपुस्तिकाएं जांच के लिए फोरेंसिक लैब धर्मशाला भेज दीं। लैब में उत्तरपुस्तिकाओं में लिखे उत्तरों के साथ उनकी लिखावट के नमूनों की जांच की गई तो मिलान नहीं हुआ। जांच में पाया गया कि सही उत्तरों को काटकर उनकी जगह गलत उत्तर किसी और ने ही लिखे हैं।
ये था मामला
ज्योरा स्कूल की छात्राओं के ड्राइंग को छोड़कर अन्य सभी विषयों में 90 से अधिक अंक आए थे, जबकि ड्राइंग में 70 से 72 के बीच अंक थे। इससे असंतुष्ट होने के कारण उन्होंने पुनर्निरीक्षण के लिए आवेदन किया, जिसमें उनका एक ही अंक बढ़ा। इसके बाद उन्होंने आरटीआई से उत्तरपुस्तिकाएं मांगीं तो छेड़छाड़ का पता चला। इसके बाद उन्होंने बोर्ड में शिकायत की।
बोर्ड ने इन उत्तरपुस्तिकाओं को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा था। वहां से रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में छेड़छाड़ की शिकायत सही पाई गई है। बोर्ड एक कमेटी गठित कर रहा है, जो पूरे मामले की जांच करेगी।- डॉ. मेजर विशाल शर्मा, सचिव स्कूल शिक्षा बोर्ड