डॉ. राजीव बिंदल
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हिमाचल का सिरमौर जिला अब भाजपा की सियासत का केंद्र बनने जा रहा है। डॉ. राजीव बिंदल के विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा देते ही स्पष्ट हो गया है कि अब वह भाजपा के नए मुखिया होंगे। सिरमौर जिले से बिंदल भाजपा के पहले प्रदेश अध्यक्ष बनेंगे। हालांकि, प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं।
भाजपा की सियासत अब सिरमौर जिले के नाहन से कंट्रोल की जाएगी। संगठनात्मक दृष्टि से कुशल प्रबंधन और चुनाव प्रबंधन की दमदार मैनेजमेंट को देखते हुए ही पार्टी हाईकमान ने बिंदल पर दांव खेला है। वह अगले तीन वर्ष तक भाजपा के अध्यक्ष रहेंगे। लिहाजा, अगले विधानसभा चुनाव में सरकार को रिपीट करने की जिम्मेदारी के साथ वह भाजपा के नए अध्यक्ष का कार्यभार संभालेंगे।
उधर, भाजपा के सत्ता में आने के बाद सिरमौर जिले के साथ कई रिकॉर्ड भी जुड़ गए हैं। सुरेश कश्यप के सांसद बनने के बाद पच्छाद में हुए उपचुनाव में पहली बार इस हलके से कोई महिला विधायक विधानसभा पहुंची। जबकि भाजपा ने पहली बार सिरमौर से टिकट देकर सुरेश कश्यप को केंद्र की राजनीति में भेजा। अब डॉ. राजीव बिंदल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनने जा रहे हैं।
विपक्ष के हमलों का देंगे करारा जवाब
डॉ. बिंदल विपक्ष पर तीखे हमले करने के लिए जाने जाते हैं। प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष बनते ही विपक्ष की सरकार को घेरने की रणनीति का वह करारा जवाब दे सकेंगे।
सोलन से की राजनीति की शुरुआत
डॉ. बिंदल सोलन से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने वर्ष 1995 में सोलन नगर परिषद से अपनी राजनीतिक पारी शुरू की। वह सोलन नप के अध्यक्ष भी रहे। वर्ष 2000 में सोलन से पहली बार वह विधायक बने। वर्ष 2003 व 2007 में फिर विधायक चुने गए। वर्ष 2007-12 की पूर्व धूमल सरकार में बिंदल स्वास्थ्य मंत्री थे। वर्ष 2012 में सोलन सीट के आरक्षित होने पर उन्होंने सिरमौर के नाहन से चुनाव लड़ा। नाहन में वह लगातार दो बार विधायक बने।