सोलन के डुमैहर निवासी डॉ. कपिल मोहन पाल ने उत्तर भारत की रेडिएशन ऑनकोलॉजी (कैंसर विज्ञान) एसोसिएशन की तरफ से आयोजित पेपर प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया है। फाइनल के लिए दस डॉक्टरों का चुनाव हुआ था। इनमें डॉ. कपिल दूसरे स्थान पर रहे हैं। उन्हें चंडीगढ़ में हुए अंतिम मुकाबले में सम्मानित किया गया है।
डॉ. कपिल मोहन आईजीएमसी शिमला के कैंसर रोग निदान विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने प्रतियोगिता के दौरान सिर और गर्दन के कैंसर से जुड़ी रेडिएशन थैरेपी पर पेपर प्रस्तुत किया। डॉ. कपिल मोहन पाल ने अपनी इस सफलता का श्रेय आईजीएमसी में कैंसर विभाग के प्रमुख डॉ. मनीष गुप्ता को दिया है।
उन्होंने बताया कि डॉ. मनीष गुप्ता की देखरेख में ही उन्हें यह सब सीखने का अवसर मिला है। इसके आधार पर वे उत्तर भारत में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल कर पाए हैं। डॉ. कपिल मोहन पाल ने बताया कि उनके इन प्रयासों के लिए परिवार का भी भरसक योगदान रहा है। उनके परिवार के सदस्य हर समय उन्हें कुछ नया करते रहने के लिए प्रेरित करते हैं।