ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी बेशकीमती जमीनों पर अवैध कब्जे करवाने के आरोप लगते रहे हैं। अब शिलाई में चल रहे भू-बंदोबस्त के दौरान बंदोबस्त निशानों से छेड़छाड़ के कारण लोगों की जमीन आगे पीछे होने और एक व्यक्ति की जमीन दूसरे के नाम दर्ज होने जैसी शिकायतें भी सामने आ रही हैं। वन परिक्षेत्र अधिकारी शिलाई विश्वनाथ ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। वे स्टाफ के साथ डीएफओ कार्यालय रेणुका पहुंचे हैं। शुक्रवार को मौके का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर यह देखा जाएगा कि कितने पेड़ काटे गए हैं, किसने काटे हैं, क्या इसके लिए अनुमति थी या नहीं तथा जमीन का मालिक कौन है। मामले की पूरी छानबीन की जाएगी।
शिलाई में एक व्यक्ति ने मलकियत भूमि से 25 पेड़ काटने की अनुमति ली थी। इससे ज्यादा पेड़ काटे जाने की जानकारी मिली है। मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। शुक्रवार को स्वयं भी मौके पर जाकर जांच करूंगा। -जीबीआर कंडेटा, डीएफओ, वन विभाग रेणुकाजी
पेड़ कटान में कांग्रेस व मेरा नाम घसीटना दुर्भाग्यपूर्ण : हर्ष
उधर, शिलाई से विधायक व उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने शिलाई में पैट्रोल पंप के पास हुए अवैध वन कटान के मामले में कहा कि पेड़ कटान में कांग्रेस व मेरा नाम घसीटना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस मामले में वन विभाग को निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने का इस तरह के मामलों में राजनीतिक नहीं करनी चाहिए। वहीं वन विभाग नाहन के अरण्यपाल बसंत किरण बाबू ने बताया कि शिलाई में हुई वन कटान के मामले में जांच के आदेश दिए हैं। डीएफओ को 25 पेड़ों तक पेड़ काटने की अनुमति है। अगर 25 से ज्यादा पेड़ काटे गए होंगे तो पेड़ काटने वालों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
कांग्रेस राज में अवैध पेड़ कटान व अवैध खनन जोरों पर : तोमर
कांग्रेस राज में शिलाई विधानसभा क्षेत्र में अवैध पेड़ कटान व अवैध खनन बड़े धड़ल्ले से चल रहा है। यह टिप्पणी शिलाई विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बलदेव तोमर ने पांवटा साहिब में आयोजित पत्रकार वार्ता में की। तोमर ने कहा कि पिछले कल शिलाई नगर पंचायत क्षेत्र में दिन-दहाड़े सैकड़ों पेड़ों का अवैध कटान हुआ है, लेकिन वन विभाग के अधिकारियों ने अभी तक पुलिस में एफआईआर दर्ज तक नहीं करवाई। इससे यह प्रतित होता है कि वन विभाग की मिलीभगत से यह कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में इस तरह का कार्य दिनदहाड़े पहली बार देखने को मिला है। कांग्रेस सरकार में तीन वर्षों से अवैध खनन और अवैध वन कटान खुले आम चल रहा है। उन्होंने कहा कि शिलाई क्षेत्र के एक पूर्व जिला परिषद रहे व्यक्ति ने इस अवैध कटान को अंजाम दिया है। बलदेव तोमर ने कहा कि वन विभाग मुख्यमंत्री के पास है, इस लिए मामले में संज्ञान लें। अगर संज्ञान नहीं लिया तो नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि क्या डीएफओ 25 पेड़ों की कटान की अनुमति दे सकते हैं, इसकी भी जांच होनी चाहिए।