उन्होंने प्रदेश के हर छोटे-बड़े मंचों पर कार्यक्रम प्रस्तुत किए हैं। प्रदेश सहित बाहरी राज्यों में भी अपनी कला के रंग बिखेर चुके हैं। अब तक जम्मू, दिल्ली, फरीदाबाद, चंडीगढ़, लुधियाना, देवी तालाब मंदिर अमृतसर, गुजरात, द्वारिका, राजस्थान के पुष्कर, वृंदावन, उत्तराखंड सहित अनेक शहरों में भगवती जागरण, माता की चौकी और भजन संध्याएं कर चुके हैं।
तीन लघु फिल्मों में बतौर संगीतकार किया काम
प्रदेश की तीन लघु फिल्मों में बतौर संगीतकार काम किया है। इनमें फिन्हिए बनाया भल्ला सारे ग्रावां पया हल्ला, एक ही भतेरा और छोरूआं री गला शामिल हैं। इन्हें यू-ट्यूब पर लाखों दर्शक देख चुके हैं। हिंदी कैसेट बोलो राम व देव मिलन कैसेट से काफी पहचान मिली है।
उनके लिखे पहाड़ी गाने तेरे नैणा रे इशारे एलबम खुद लिखी व गाई है। उनके लिखित गीतों में आज दिन बड़े भागां वाला, ऊंची धारा तेरा मंदिर, देव हुरंग नारायण, पशाकोट, बाबा कमलाहिया, आई पूजे मंदिरा तेरे, जय-जय कोयला माता सहित अन्य गीत आकाशवाणी व दूरदर्शन में रिकॉर्ड हुए हैं और यू-ट्यूब पर भी इन्हें लाखों लाइक मिले हैं। सूरज मेहता का लक्ष्य लोक संस्कृति के लिए काम करना और इसे संरक्षित करना है।