उन्होंने सही गाइडेंस हासिल करने के लिए दिल्ली और फिर हल्द्वानी से कोचिंग की। बीते वर्ष जून में उन्होंने आईएएस की परीक्षा दी। इसके बाद मार्च 2019 तक चले इंटरव्यू में शामिल हुईं। परीक्षा का रिजल्ट शुक्रवार को आया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह आईएएस बन गईं।
उन्हें गिटार बजाना, बॉस्केटबॉल खेलना और लिखना पसंद है। शैलजा की मां डा. शोभा पांडे नैनीताल के बीडी पांडे जिला अस्पताल में डाक्टर हैं जबकि पिता सिडकुल में इंजीनियर हैं। उनके परिवार में दादी मुन्नी पांडे, नाना पीसी लोहनी, नानी रेवती लोहनी, मौसी डॉ. हेमा लोहनी आदि हैं।
हल्द्वानी के ऊंचापुल के पास पवन विहार में रहने वाले नमित पाठक ने सिविल सेवा में 218वीं रैंक पाई है। नमित की सफलता की खबर मिलने के बाद घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। नमित ने हाईस्कूल परीक्षा सेंट जोजफ कॉलेज नैनीताल और इंटरमीडिएट की परीक्षा सेंट थेरेसा स्कूल हल्द्वानी से पास की।
इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से बीएससी और एमएससी आनर्स जंतु विज्ञान विषय से किया। नमित कहते हैं कि 2015 से ही सिविल सेवा की तैयारी में जुट गए थे। पहले प्रयास में सफलता नहीं मिल सकी। दूसरे में प्री निकला पर मेंस में सफलता नहीं मिली। तीसरी बार में इंटरव्यू तक पहुंचे थे, पर सफल नहीं हो सके।
चौथे प्रयास में वह सफल रहे हैं, उनकी रैंक 218 आई है। वह कहते हैं कि एक बार सिविल सेवा की तैयारी को लेकर कोचिंग की थी, इसके बाद उन्होंने खुद ही परीक्षा की तैयारी की। वह कहते हैं कि पढ़ाई के लिए कोई समय तय नहीं किया, जब मन किया तब पूरे मनोयोग के साथ पढ़ाई की। इसके अलावा परीक्षा के हिसाब से रणनीति बनाई, जिसका फायदा मिला है।
नमित के पिता प्रकाश पांडे उत्तराखंड ग्रामीण बैंक से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि मां हेमा पाठक जीजीआईसी कालाढूंगी में बॉटनी की टीचर हैं। बड़ी बहन नम्रता पाठक ने खड़गपुर से आईआईटी करने के बाद बर्लिन (जर्मनी) से पीएचडी की है।