चिकित्सकों की हड़ताल से स्टाफ की कमी से मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं पर खासा असर देखने को नहीं मिला है। आपातकालीन ओपीडी सेवाएं जारी रहीं। उधर, टांडा पुलिस चौकी प्रभारी की टीम हड़ताल पर बैठे चिकित्सकों को समझाने के प्रयास में जुटी है।
टेमकोट के अध्यक्ष डॉ. आरएस जसवाल और उपाध्यक्ष डॉ. मिलाप शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण का हवाला देकर मेडिकल कमीशन बिल को लागू करने की बात कर रही है, लेकिन एक ही परीक्षा में एमबीबीएस के अंतिम वर्ष में बैठना कहां तक तर्कसंगत हैं। मेडिकल बिल चिकित्सा शिक्षा और आम जनता विरोधी है।