पांच लाख की बैंक गारंटी और बांड की जरूरी शर्त हटाने की मांगों को लेकर डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में रेजिडेंट चिकित्सकों ने सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का नया तरीका अपनाया है। बुधवार को चिकित्सकों ने कॉलेज परिसर में टी स्टाल लगाकर पैसे एकत्रित किए।
चिकित्सकों ने चाय बेचकर पैसे इकट्ठे किए। इस विरोध को लेकर चिकित्सकों ने 11 बजे तक ओपीडी नहीं की। इस दौरान मरीजों को काफी समस्याएं पेश आईं। कई ऑपरेशन भी देरी से हुए।
ओपीडी के बाहर मरीजों की कतारें लगी रहीं। चिकित्सकों के इस विरोध के चलते स्वास्थ्य सेवाएं भी दो घंटे तक चरमरा गईं। रेजिटेंड चिकित्सक पीजी की पढ़ाई के लिए बैंक गारंटी व बांड की शर्त हटाने पर अड़े हुए हैं। इस वजह से चिकित्सक सुबह 11 बजे तक ओपीडी छोड़ अपना विरोध जताते रहे।
हालांकि, विरोध के दौरान चिकित्सक मरीजों और तीमारदारों को स्वाइन फ्लू, टीबी जैसी बीमारियों को लेकर जागरूक करते रहे। इसके अलावा सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार को लेकर आवश्यक जानकारियां भी दीं।
जल्द पूरी की जाएं मांगें
आरडीए टांडा के अध्यक्ष डॉ. अमित राणा तथा महासचिव डॉ. अभिनव राणा ने बताया कि बुधवार को अपना विरोध जता रहे एसोसिएशन के सदस्यों ने सरकार की ओर से निर्धारित की गई शर्तों के लिए पैसे जुटाने के लिए टी-स्टाल लगाकर कुछ पैसे इकट्ठे किए। चिकित्सकों ने उनकी इन मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की है।