- खाने का टाइम टेबल न होना।
- शरीर की अन्य बीमारियों को हल्के में लेना।
- खेल, मैदान से दूरी बनाने के कारण।
- छोटी आयु में काम का तनाव, दबाव।
- सिटिंग जॉब से भी हृदयरोग बढ़ रहे हैं।
- हर रोज आधा से पौना घंटे व्यायाम या कोई खेल खेलें।
- सब्जी, फल का अधिक सेवन करें।
- तेल युक्त चीजों का कम ही सेवन करें।
- शराब और धूम्रपान का सेवन न करें।
- किसी भी बीमारी की दवा खाते हों तो उसे रूटीन में खाएं।
हृदयरोग को हल्के में न लें
अकसर व्यक्ति को हृदय रोग के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती है। इसके चलते लोग इसे हल्के में ले लेते हैं। कई बार व्यक्ति बिना जांच किए दवाई खाना शुरू कर देता है, जो घातक हो सकता हैं।
हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. अखिल गौतम ने कहा कि महीने में 55 से 60 मरीज अस्पताल में आ रहे हैं। इसमें कम आयु वर्ग वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लाइफ स्टाइल में बदलाव हृदयरोग बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है।
भोजन करने के बाद अवश्य टहलें : डॉ कुलदीप
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ कुलदीप ने कहा कि भोजन के करने बाद हर व्यक्ति को टहलना चाहिए। इससे हृदयरोग होने की कम संभावना रहती है। इसके अलावा सुबह के समय व्यायाम, प्राणायाम भी अवश्य करें। खानपान में तेल युक्त खाद्य वस्तुओं से परहेज ही रखें।