सिविल अस्पताल पांवटा में रात्रि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। शुक्रवार देर रात गंभीर हालत में एक मासूम को लेकर परिजन अस्पताल पहुंचे थे। रात को परिजन डॉक्टर कक्ष का दरवाजा खटखटाते रहे, लेकिन चिकित्सक ने न तो दरवाजा खोला और न ही बाहर आने की जहमत उठाई। परेशान परिजनों ने कहा कि रात को बच्चे की तबीयत खराब हो गई थी।
किसी तरह मासूम को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सक ने दरवाजा ही नहीं खोला। नाराज होकर ग्रामीणों और परिजनों ने मामले का वीडियो भी बनाया है। सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो में रात्रि सेवा में तैनात एक डॉक्टर की लापरवाही साफ नजर आ रही है। जानकारी के अनुसार देररात दूरदराज गांव से गंभीर अवस्था में मासूम को लेकर परिजन एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचे थे।
तब तक रात्रि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर चिकित्सक कक्ष में आराम फरमाने चले गए थे। बच्चे की हालत खराब होती देख कर परिजनों से रहा नहीं गया। मासूम लेकर पहुंची महिला ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया। बताया जा रहा है कि रात को ड्यूटी पर तैनात नर्सों ने भी डॉक्टर को जगाने के प्रयास किए, लेकिन डॉक्टर की आंख नहीं खुली। इसके बाद परिजनों ने इस लापरवाही का वीडियो बनाया।
रात के समय ही परिजन अपने मासूम को लेकर किसी निजी अस्पताल के लिए निकल गए। परिजनों ने प्रदेश सरकार, स्वास्थ्य मंत्री व निदेशक स्वास्थ्य विभाग से इस मामले की उचित जांच करने का आग्रह किया है। उधर, सिविल अस्पताल पांवटा के प्रभारी संजीव सहगल ने बताया कि इस तरह की शिकायत नहीं पहुंची है। फिर भी अगर कुछ ऐसा हुआ है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।