दलितों से जुड़ी टिप्पणी पर विरोध का सामना कर रहे रामदेव को दलितों का हितैषी होने का प्रमाण जारी करना पड़ा है। मंगलवार को चंबा में उन्होंने एक फोटो जारी करके बताया कि उन्होंने वाल्मीकि धर्मशाला बनाई है और रविदास लंगर चला रखा है, जहां दलितों की सेवा की जाती है।
उन्होंने कहा कि पतंजलि योगपीठ में पिछले साल महिला सम्मेलन का आयोजन किया। दलित शोषित वर्ग को सम्मान मिले, दलितों का पादपूजन करके दलित माताओं की चरण वंदना के कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने इसकी फोटो जारी की और बताया कि इसकी क्लीपिंग भी मीडिया को दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि दलित के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश दुर्भाग्यपूर्ण। राहुल गांधी ने दलितों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। वोट लेकर खुद को दौलत मंद बनाया। उन्होंने कहा कि दुनिया का मीडिया राजनीतिक संदर्भ में हनीमून शब्द का इस्तेमाल करता हैं।
जब दो राजनीतिक दलों में गठबंधन टूटता है, तो हनीमून पीरियड इज ओवर शब्द का इस्तेमाल होता है। उन्होंने अपील की है कि इस मामले को बेवजह तूल न दिया जाए।
उन्होंने कहा कि उन पर जो मुकद्दमे हुए हैं, उन्हें कानूनी तरीके से निपटा जाएगा। जहां तक दलित समाज की एकजुटता का प्रश्न है, हम समाज को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। दलितों व अगड़ी-पिछड़ी जातियों के नाम पर समाज को बंटने नहीं दिया जाएगा।