एसडीएम शिमला ओशीन शर्मा ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत किया। गौरतलब है कि दृष्टिबाधित बेरोजगार पिछले दो वर्षों से शिमला में धरने पर बैठे हैं। इस दौरान वे कई बार नौकरी की मांग को लेकर चक्का जाम कर चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर विगत 3 दिसंबर को भी एसडीएम शिमला और पुलिस अधिकारियों के साथ इनका टकराव हुआ था। उस दिन भी सड़कों पर बैठकर चक्का जाम किया गया था। सोमवार को एक बार फिर बेरोजगार सड़कों पर उतर आए, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई।