प्रदेश के सैकड़ों दिव्यांग लोगों को केंद्र सरकार की योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सूबे में दिव्यांग लोगों को बीमा योजना से महरूम होना पड़ रहा है। दिव्यांग संघ के प्रधान ने मांग की है कि राज्य में भी इस योजना का लाभ दिव्यांग वर्ग को दिया जाए। केंद्र की योजना के अनुसार दिव्यांग व्यक्ति को 350 रुपये अदा करने के बाद तीन लाख रुपये का बीमा देने की योजना है।
हिमाचल प्रदेश दिव्यांग संघ के प्रधान सरवन कुमार लखनपाल ने कहा कि दिव्यांग वर्ग समाज का बहुत ही उपेक्षित अंग है। इन लोगों को कई बार न केवल समाज, बल्कि परिवार भी अपनाने में गुरेज करता है। इसके चलते समाज में यह वर्ग हंसी का पात्र बनकर रह जाता है। ऐसे में दिव्यांग वर्ग को सरकार से ही उनके भविष्य को संवारने की उम्मीद बनी रहती है।
लेकिन जब सरकारें ही दिव्यांगों का उपहास और उपेक्षा करें तो दिव्यांग अपने आप को ठगा हुआ महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने दिव्यांगों को सम्मानजनक जीवनयापन करने के लिए एक योजना शुरू की थी। इनमें दिव्यांग को 350 सालाना अदा करने होते थे, जिसके अंतर्गत उन्हें 3 लाख रुपये का बीमा सुनिश्चित हो जाता था।
लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से समय पर इस योजना को अमलीजामा न पहनाने के कारण केंद्र सरकार की इस योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा हैं। लखनपाल ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश सरकार को एक नोटिफिकेशन जारी की गई थी। इसमें प्रदेश के दिव्यांगों का आंकड़ा केंद्र सरकार को जारी करना था।
इसके बाद इन सभी दिव्यांगों को 3 लाख की सालाना बीमा योजना का लाभ प्राप्त होना था, जिससे दिव्यांगों की मृत्यु या किसी अनहोनी घटना पर उन्हें 3,00,000 का बीमा उनको या उनके परिजनों को मिल सके। इस दौरान एक माह के भीतर सारे जिलों की सूची प्रदेश सरकार को जारी कर दी गई परंतु अभी तक भी इन दिव्यांगों को इस बीमा योजना का लाभ नहीं मिला।