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24 बार अदालत, पर एक बार भी नहीं पहुंचे 'साहब'

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इन साहब का कारनामा तो देखिए। 2014 में अब तक 24 बार अदालत तय हो चुकी है लेकिन ये एक बार भी नहीं पहुंचे। लोग सुनवाई के लिए आते हैं और चले जाते हैं। हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में डिविजनल कमिश्नर की अदालत वर्ष 2014 में अब तक 24 बार तय हो चुकी है, लेकिन साहब एक बार भी ऊना नहीं पहुंचे।
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हर बार तय तिथि को ऊना जिला मुख्यालय स्थित जिला समाहर्ता के अदालत कक्ष में सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटती है। लेकिन, कुछ देर बाद दीवार पर एक रटा-रटाया नोटिस चस्पां कर दिया जाता है कि प्रशासनिक व्यस्तता के कारण मंडलायुक्त की अदालत फलां तारीख के लिए स्थगित की जाती है।

हद तो यह है कि पिछले एक वर्ष से धर्मशाला स्थित मंडलायुक्त पद ही खाली चल रहा था, जिसे मंडी स्थित मंडलायुक्त अतिरिक्त प्रभार के तौर पर देख रहे थे। ऐसे में कांगड़ा, चंबा और ऊना में राजस्व समेत भू-एकत्रीकरण के हजारों मामले अदालत में लंबित हैं।
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2009 में सिर्फ 4 बार हुई सुनवाई

यही वजह है कि पिछले कुछ अरसे से जमीनी फौजदारी मामलों में लोगों के बीच मन मुटाव और झगड़े बढ़े हैं। धर्मशाला स्थित मंडलायुक्त कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2009 में जिला ऊना में 21 बार मंडलायुक्त कांगड़ा मंडल की अदालत निश्चित थी, जिसमें से चार बार कोर्ट लगा जबकि 17 बार प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहने के कारण अदालत स्थगित कर दी गई।

वर्ष 2010 में 20 बार अदालत निश्चित हुई, 4 बार लगी और 16 बार स्थगित हो गई। वर्ष 2011 में 26 बार अदालत तय थी, जिसमें 3 दफा अदालत लगी और 23 बार स्थगित हो गई। वर्ष 2012 में 24 बार अदालत निश्चित हुई जिसमें 7 बार कोर्ट लगा और 17 बार अदालत स्थगित कर दी गई।

2013 में 29 बार अदालत स्थगित

2013 में 36 बार अदालत निश्चित थी। इस दौरान 7 बार अदालत के लिए मंडलायुक्त ऊना पहुंचे और 29 बार अदालत स्थगित कर दी गई। जनवरी 2014 से 30 सितंबर 2014 तक 24 बार अदालत तय की गई, जिसमें एक बार भी अदालत नहीं लग पाई।

जनसूचना अधिकारी और सहायक आयुक्त मंडलायुक्त संदीप सूद ने अदालतों के स्थगन की पुष्टि की है। इधर, शनिवार को फिर ऊना में मंडलायुक्त की अदालत तय हुई है, जिसके लिए जिला के सैकड़ों लोग अदालत में जुटेंगे।
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अतिरिक्त प्रभार बना बाधक: ओंकार शर्मा

गत एक माह पूर्व धर्मशाला स्थित कांगड़ा मंडलायुक्त कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार देखते रहे मंडी के डिविजनल कमिश्नर ओंकार शर्मा का कहना है कि उन पर अन्य विभागों के अलावा मंडी सहित कांगड़ा मंडल का भी अतिरिक्त प्रभार रहा, जिसकी वजह से ऊना की अदालत की तिथियां स्थगित करनी पड़ीं। अब कांगड़ा में नए मंडलायुक्त ने प्रभार संभाल लिया है।

मंडलायुक्त अदालत में लंबित मामले
=========राजस्व======भू-एकत्रीकरण
वर्ष =======अपील======अपील
2009======76========373
2010======102========40
2011======107========31
2012======101=======19
2013======99========19
2014======28========16
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