संगठनात्मक जिलों पर कांग्रेस में बवाल खड़ा हो गया है। कांगड़ा जिला कांग्रेस ने संगठनात्मक जिलों पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू के फैसले के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है। नगरोटा बगवां में आयोजित बैठक में प्रदेशाध्यक्ष के फैसले को सोनिया गांधी और राहुल गांधी के समक्ष चुनौती देने की जिम्मेवारी परिवहन मंत्री जीएस बाली को सौंपी गई है।
बाली भी इस मसले पर पहली बार खुलकर सामने आ गए हैं। बाली ने उस समय कार्यकर्ताओं को चौंका दिया जब उन्होंने कहा कि 2014 में सरकारी गाड़ी छोड़ दी थी, जरूरत पड़ी तो वे 2015 में कुछ और भी छोड़ सकते हैं। रविवार को पार्टी के 130वें स्थापना दिवस पर जिला अध्यक्ष सुमन वर्मा की अध्यक्षता में राज्य में संगठनात्मक जिले के फैसले के खिलाफ एक विरोध प्रस्ताव पारित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान नगरोटा, पालमपुर, सुलह, अन्य हल्कों के उपस्थित कई वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए विरोध प्रस्ताव का समर्थन किया है। बाली ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की राजनीति में जिला कांगड़ा का एक महत्वपूर्ण स्थान है, इसलिए इसके हितों के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ सहन नहीं किया जाएगा। जिला कांगड़ा के हितों की रक्षा करना उनका कर्तव्य है। इस जिला के कद को छोटा करने की मंशा रखने वालों का कद स्वत: छोटा हो जाएगा।
कांग्रेस की लड़ाई धर्म, जाति में बांटने वालों से: सुक्खू
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस की देश
को धर्म और जाति के टुकड़ों में बांटने वालों से लड़ाई है। यह झगड़ा उस
विचारधारा से है, जिसमें समाज की सभी विचारधाराओं का समावेश नहीं है।
कांग्रेस एक देश और एक जाति की बात करती है।
सुक्खू ने कहा कि 130 साल पहले
एओ ह्यूम ने कई विचारधाराओं के समावेश से ही कांग्रेस बनाई थी। सुक्खू ने
यह बात रविवार को राजीव भवन शिमला में कांग्रेस के स्थापना दिवस समारोह में
कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुक्खू ने की और आईपीएच मंत्री विद्या
स्टोक्स विशेष अतिथि रहीं।
सुक्खू ने कहा कि भाजपा देश के लोगों की
भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर सत्ता में आई है। यह देश को दिशा तो आगे की दिखा
रही है, मगर वास्तव में पीछे धकेल रही है। इस मौके पर कांग्रेस महासचिव
हरभजन सिंह भज्जी और सीपीएस रोहित ठाकुर ने भी संबोधित किया।
कांग्रेस
कोषाध्यक्ष सुरेंद्र चौहान, प्रवक्ता नरेश चौहान, डॉ. सुभाष मंगलेट, युवा
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह, केहर सिंह खाची, अतुल शर्मा,
देवेेंद्र श्याम, महेंद्र स्तान, जैनब चंदेल, सोहन वर्मा, आदर्श सूद, आईएन
मेहता, आत्मा राम आदि मौजूद रहे।
नगरोटा बगवां की बैठक में ये रहे मौजूद
नगरााटा बगवां में आयोजित बैठक में प्रदेश सचिव अजय वर्मा, जिला कांग्रेस महासचिव मनोज मेहता, उपाध्यक्ष रोशन खन्ना, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मान सिंह, पालमपुर हल्के के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष डा. मदन दीक्षित, सुलह के अध्यक्ष अरुण कुमार, प्रदेश महिला कांग्रेस उपाध्यक्ष रूमा कौंडल, प्रदेश युकां महासचिव गोल्डी चौधरी और जिला कांग्रेस संगठन सचिव संजीव गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
स्टोक्स ने सुनाई खरी-खोटी
विद्या स्टोक्स ने कांग्रेसियों को नसीहत दी कि वे आपस में न लड़ें। स्टोक्स ने कांग्रेस छोड़कर दूसरी राजनीतिक पार्टियों मेें शामिल होने वाले नेताओं का नाम लिए बगैर उन्हें खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की कार्यशैली की जमकर तारीफ की।
नहीं पहुंच पाए मुख्यमंत्री, अन्य मंत्री
स्थापना दिवस कार्यक्रम पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य नहीं पहुंच पाए। मंत्रियों में से केवल स्टोक्स ही कार्यक्रम में पहुंचीं। कांग्रेस कार्यक्रम के शेड्यूल के मुताबिक पहले इस कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रस्तावित थी, मगर बाद में यह शेड्यूल बदल गया।
नहीं पहुंच पाए मुख्यमंत्री, अन्य मंत्री
स्थापना दिवस कार्यक्रम पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य नहीं पहुंच पाए। मंत्रियों में से केवल स्टोक्स ही कार्यक्रम में पहुंचीं। कांग्रेस कार्यक्रम के शेड्यूल के मुताबिक पहले इस कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रस्तावित थी, मगर बाद में यह शेड्यूल बदल गया।