सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) अध्यक्ष पद को लेकर मंथन शुरू हो गया है। कोर्ट के जजमेंट की कॉपी नहीं मिलने के बावजूद एचपीसीए ने अंदरखाते विकल्प के तौर पर नए अध्यक्ष के लिए माथापच्ची शुरू कर दी है।
सूत्रों की मानें तो इसके लिए इसी महीने जल्द ही अनुराग ठाकुर धर्मशाला में एचपीसीए के एजीएम की बैठक बुला सकते हैं। एजीएम की बैठक में अनुराग ठाकुर अपने किसी करीबी पदाधिकारी को अध्यक्ष पद पर बैठा सकते हैं।
लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के चलते एचपीसीए अध्यक्ष पद की दौड़ में वरिष्ठ पदाधिकारी लाइन से हट सकते हैं। बताया जा रहा है कि भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर एवं ओपनर, एचपीसीए पदाधिकारी विक्रम राठौर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के बेटे अरुण धूमल, एचपीसीए के कोषाध्यक्ष असीम अग्रवाल सहित प्रेस सचिव मोहित सूद और कांगड़ा जिला के विशाल शर्मा नए अध्यक्ष पद की दौड़ में हैं।
अरुण धूमल के नाम पर सस्पेंस, ये है वजह
विक्रम राठौर भारतीय टीम के अहम सदस्य रह चुके हैं। विक्रम राठौर रणजी, अंडर 19 राष्ट्रीय टीम और भारतीय टीम में ही सिलेक्टर भी रह चुके हैं। विक्रम मूलत: हमीरपुर जिले के रहने वाले हैं और अमूमन जीवन उनका पंजाब में गुजरा है।
वहीं, अरुण धूमल पर परिवारवाद को लेकर कोई राजनीतिक विवाद न हो, ऐसे में एचपीसीए इस नाम से परहेज कर सकती है। सूत्रों की मानें प्रवक्ता संजय शर्मा सहित प्रेम ठाकुर, युधिष्ठर कटोच 9 साल से ज्यादा समय से पदाधिकारी हैं।
ऐसे में ये लोढ़ा समिति की सिफारिशों के तहत अध्यक्ष पद के लिए फिट नहीं बैठ रहे हैं। वहीं, विशाल मरवाह सरकारी कर्मचारी हैं। हालांकि, जजमेंट की कॉपी आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि अनुराग ठाकुर एचपीसीए के अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे या नहीं।
लेकिन, अगर अनुराग को अध्यक्ष पद से हटना पड़ा तो विकल्प के तौर पर एचपीसीए में माथापच्ची जोरों पर चल रही है। उधर, एचपीसीए प्रवक्ता संजय शर्मा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जजमेंट कॉपी अभी नहीं मिली है, इसलिए फिलहाल इस मामले पर ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता है। संभावना है कि इस महीने एजीएम की बैठक बुलाई जा सकती है लेकिन अभी ऐसा कुछ भी तय नहीं हुआ है।