इसमें 40 हजार के करीब युवाओं ने आवेदन किया था। पूर्व सरकार ने लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया था लेकिन इस बीच आचार संहिता लगाने से फाइनल रिजल्ट नहीं निकल पाया। सत्ता में आते ही भाजपा सरकार इस भर्ती प्रक्रिया की जांच करवा रही है।
बिना डिमांड के चला दी वैट लीजिंग बसें
पूर्व कांग्रेस सरकार ने बिना डिमांड के ही वैट लीजिंग बसें चला दीं। भाजपा सरकार की ओर से की गई जांच में इसका खुलासा हुआ है। पूर्व सरकार ने जाते-जाते कई ऐसी बसों को एलओआई (लेटर ऑफ इंटेंट) जारी कर दिया जो बाहरी राज्यों की थीं। चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए यह सब किया गया।
पूर्व कांग्रेस सरकार ने जरूरत से ज्यादा बसें खरीदी हैं जिससे परिवहन निगम को घाटा हुआ है। इन बसों की खरीदारी से परिवहन निगम को 300 करोड़ का घाटा हुआ है।