शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि अधिकारियों को सिर्फ ट्यूशन ही फीस वसूलने के आदेश जारी करने को कहा है। जल्द ही इस बाबत पत्र जारी होंगे। उन्होंने निजी स्कूल प्रबंधनों से अपील की कि ऐसे समय में संयम का परिचय दें। कोरोना की वैक्सीन जल्द आ जाएगी। ऐसे में इस मामले को और अधिक तूल न दें। हालात ठीक होते ही स्कूल फिर सुचारु चलते रहेंगे। पहले भी कभी फीस को लेकर लड़ाई नहीं हुई है।
उन्होंने दोहराया कि सरकार का निजी स्कूलों पर प्रत्यक्ष तौर पर नियंत्रण नहीं है। आगामी विधानसभा सत्र में हम पुराने एक्ट में संशोधन करेंगे, ताकि फीस को रेगुलेट किया जा सके। उन्होंने कहा कि कई निजी स्कूल ऐसे भी हैं, जिन्होंने फीस माफ की है।
बीते दिनों निजी स्कूलों के दबाव में आकर पूरी फीस चुकाने वाले अभिभावकों को क्या फीस रिफंड होगी या नहीं? इसको लेकर शिक्षा मंत्री ने स्थिति स्पष्ट नहीं की। उन्होंने कहा कि पुरानी फीस को लेकर अभी कुछ नहीं कह सकते। आगामी दिनों में पूरी फीस न ली जाए, इस पर हम दृढ़ हैं।
गौर हो कि सरकार ने सबसे पहले निजी स्कूलों को निर्देश दिए थे कि कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान सिर्फ ट्यूशन फीस ही लें। इसके बाद करीब दो माह पहले सरकार ने निजी स्कूलों के दबाव में आकर लॉकडाउन के दौरान की सभी फंडों समेत ट्यूशन फीस वसूलने को कह दिया। अब अभिभावकों के विरोध के बाद सरकार ने फिर ट्यूशन फीस ही लेने के निर्देश दिए हैं।