हिमाचल के सोलह लाख राशनकार्ड उपभोक्ताओं को 15 अप्रैल तक पुराने राशनकार्ड पर ही सस्ता राशन मिलेगा। 5 अप्रैल से प्रदेश के डिपुओं में डिजिटल राशनकार्ड बंटने शुरू हो जाएंगे। सरकार का मानना है कि कई राशनकार्डों में त्रुटियां भी हो सकती हैं।
डिपुओं में पॉस मशीनें भी लगानी हैं। लिहाजा, अभी उपभोक्ताओं को पहले की तरह ही राशन मिलता रहेगा। बता दें कि खाद्य आपूर्ति विभाग के गोदामों में राशन की सप्लाई पहुंच गई है। चीनी, दालें, तेल और चावल की सप्लाई डिपुओं के लिए भेजी जा रही है। आटा भी पहुंचाया जा रहा है।
दिसंबर, 2016 में एपीएल उपभोक्ताओं को आटा मिलना बंद हो गया था। केंद्र से गेहूं की सप्लाई बंद होने से यह परेशानी आई थी। अब केंद्र सरकार ने हिमाचल को गेहूं उपलब्ध कराया है। इस महीने से एपीएल उपभोक्ताओं को आटा मिलना भी शुरू हो जाएगा।
खाद्य आपूर्ति विभाग के एसीएस तरुण कपूर ने बताया कि 5 अप्रैल से डिपो होल्डरों को डिजिटल राशनकार्ड पर राशन देने का प्रशिक्षण देना शुरू हो जाएगा। इसके बाद डिपुओं में पॉस मशीनें स्थापित होंगी।