भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती ने पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की संपत्ति की जांच कर रहे विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। हमीरपुर में पत्रकार वार्ता में सत्ती ने कहा कि आय से अधिक संपत्ति मामले में शिकंजा कसने के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई पर उतर आए हैं।
कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के निर्णय के बाद ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग की कार्रवाई से वीरभद्र सिंह का बचना मुश्किल है। वीरभद्र सिंह का यह कहना कि यह कार्रवाई प्रेम कुमार धूमल, सांसद और वित्त मंत्री अरुण जेटली के इशारे पर हो रही है, यह बौखलाहट में दिया बयान है।
यह मामला उस वक्त का है, जब वीरभद्र केंद्र में मंत्री थे। यूपीए सरकार मामले को दबाती रही। मुख्यमंत्री भी न्यायालय की आड़ लेकर बचने का प्रयास करते रहे। कांग्रेस हाईकमान को चाहिए कि वह मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से इस्तीफा ले।
सत्ती बोले - भोरंज उपचुनाव में प्रचार के दौरान वीरभद्र सिंह और सुखविंद्र सुक्खू का यह कहना कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो धूमल मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। यह स्पष्ट कर रहा है कि कांग्रेस मानती है कि वह सत्ता में नहीं आएगी। बीजेपी में मुख्यमंत्री हाईकमान तय करता है। धूमल परिवार पर छींटाकशी की बजाय सुक्खू को वीरभद्र सिंह की जमानत की चिंता करनी चाहिए।
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 25-26 अप्रैल को
सत्ती ने कहा कि प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक 25 और 26 अप्रैल को शिमला में होगी। इससे पहले 15 और 16 अप्रैल को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक होगी। भोरंज उपचुनाव के बाद माफियाराज हटाओ, हिमाचल बचाओ अभियान के तहत 100 रैलियों का सिलसिला जारी रहेगा।