पार्किंग की समस्या से जूझ रही राजधानी शिमला और धर्मशाला में जल्द ही डिजिटल पार्किंग बनेंगी। पार्किंग बनाने के लिए स्वीडन से टीम धर्मशाला पहुंच चुकी है। यह टीम दो दिन यहां रुककर धर्मशाला अस्पताल और सेक्रेड हार्ट स्कूल समेत 10 स्थान चिह्नित करेगी। जुलाई अंत में यहां टर्मिनल लगाने का काम शुरू होगा। अगले चरण में शिमला में भी पांच स्थान चिह्नित कर डिजिटल पार्किंग प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
धर्मशाला में शुरू हो रहे पायलट प्रोजेक्ट के दौरान लोगों से किसी भी तरह की पार्किंग फीस नहीं ली जाएगी। हालांकि, बाद में डिजिटल पार्किंग प्रोजेक्ट को औपचारिक रूप से लांच किया जाएगा। स्वीडन के राजदूत को लांचिंग पर विशेष अतिथि के तौर पर बुलाया जाएगा।
डिजिटल पार्किंग पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड होगी। इसे मोबाइल एप से ऑपरेट किया जाएगा। मोबाइल से लोग पता लगा सकेंगे कि किस स्पॉट पर कितनी पार्किंग खाली है। यह भी पता लग जाएगा कि पार्किंग में कौन सी गाड़ी कितने बजे आई, कितनी देर खड़ी रही और कितने बजे गई।
क्या है डिजिटल पार्किंग
डिजिटल पार्किंग का मतलब ऑन स्ट्रीट पार्किंग। पार्किंग के लिए विशेष रूप से संरचनात्मक ढांचा नहीं बनाया जाएगा, सिर्फ स्थान चिह्नित कर हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल कर उस स्थान को पार्किंग के रूप में प्रयोग किया जाएगा। चिह्नित स्थलों पर टर्मिनल लगाए जाएंगे। इनमें सेंसर होंगे जो पार्किंग में आने वाली हर गाड़ी का रिकॉर्ड रखेंगे।