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धूमल देवता ने डीसी को क्यों दी चेतावनी?

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देवताओं के थानेदार कहे जाने वाले देवता नाग धूमल बुधवार को मोहल्ला उत्सव छोड़कर अचानक अपने कारकूनों के साथ डीसी दफ्तर पहुंचे। इससे दफ्तर में हड़कंप मच गया। देवता ने डीसी को बाहर बुलाया।
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डीसी बाहर पहुंचे तो देवता ने गूर के माध्यम से कड़ी चेतावनी दी। कहा, अगर दशहरा के समापन अवसर पर किसी भी परंपरा को तोड़ा तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। नियम तोड़े तो आसमान से कहर बरपेगा। कुल्लु दशहरे में इस तरह की घटना पहली बार हुई है।

बुधवार को भगवान रघुनाथ के दरबार में 228 देवी-देवता मोहल्ला उत्सव के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान देवता धूमल नाग रथ को डीसी दफ्तर के बाहर ले गए। देवता को जाते देख सैकड़ों कारकून भी देवता के पीछे भागे।
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पशु बलि पर रोक से है नाराज

उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के पशु बलि पर रोक लगाने के फैसले से देव समाज में असंतोष है। देवताओं की संसद जगती में भी 25 सितंबर को देवता परंपरा न तोड़ने की बात कह चुके हैं। अब देवता धूमल की डीसी को चेतावनी ने फिर से साफ कर दिया है कि अष्टांग बलि को रोक पाना प्रशासन के लिए आसान नहीं होगा।

इससे पहले देवता लक्ष्मी नारायण पझारी बाहू डीसी को सात लाख रुपये जुर्माना लगा चुके हैं। इधर, देवता नाग धूमल के कारदार जवाहर लाल ने बताया कि देवता ने गूर बाणी के माध्यम से परंपरा के निर्वहन को डीसी को चेताया है।

उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर ने भी माना कि देवता उनके दफ्तर के बाहर आए थे। उन्होंने कहा कि देवता ने अपना विरोध दर्ज करवाया और परंपरा का निर्वहन करने को कहा है।
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सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत

पशु बलि पर हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने अभी कोई राहत नहीं दी। बताया जा रहा है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए अगली तारीख दी है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश हाई कोर्ट ने धार्मिक कार्य पर सूबे में पशु बलि पर रोक लगा दी है।

इस पर देव समाज से जुड़े लोगों का कहना है कि सदियों से देवी देवताओं को बलि देने की परंपरा चली आ रही है। जिस पर रोक लगाना गलत है। हालांकि इस बारे में कारदार संघ और रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार ने हाई कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। जिसे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। जिसके बाद इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।

हालांकि इस पर गुरूवार आठ अक्तूबर को फैसला आना था। लेकिन गुरुवार को भी इस मामले पर कोई फैसला नहीं आ सका है। कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले को अगली तारिख लगा दी है।
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