धर्म संसद के अंतिम दिन मंगलवार को महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती के निर्देश पर धर्म आदेश जारी किया गया। आह्वान किया गया कि सनातन धर्म के मठों और मंदिरों को सरकार के कब्जे से मुक्त किया जाए। शास्त्र ज्ञान के साथ शस्त्र रखें और उनको चलाना भी सीखें। इसके लिए जगह-जगह शस्त्र गुरुकुल परंपरा शुरू करने की बात कही गई। सनातनी समाज अपनी जनसंख्या को कम न होने दें और ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करें। जिला ऊना के मुबारिकपुर में तीन दिवसीय धर्म संसद का मंगलवार को समापन हो गया। तीन दिन चली इस धर्म संसद में भारतवर्ष के हिंदुओं के विभिन्न पंथों एवं सामाजिक क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लेकर चिंतन एवं मनन किया।
धर्म संसद के संयोजक यति सत्यदेवानंद सरस्वती महाराज ने बताया कि धर्मादेश में आह्वान किया गया है कि सनातनी समाज अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों पर रोना सीखे और अपनों के लिए खड़ा होना सीखे। जातियों और संगठनों में बंटने की बजाय एकमत होकर अपने बच्चों को सुरक्षित भविष्य देने की ओर बढ़ें। भाईचारा व सौहार्द बनाएं। इस अवसर पर धर्म संसद के अध्यक्ष बाल बाबा योगी ज्ञान नाथ जी के साथ श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर राम मोहन दास जी, स्वामी सागर गिरि जी महाराज, स्वामी नारद गिरी महाराज, स्वामी आत्मानंद अब्दूत महाराज शेव शून्य स्वामी, स्वामी बलदेव जी व अन्य उपस्थित रहे।