निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग ने कहा कि तिब्बत की आजादी की लड़ाई केवल तिब्बत तक सीमित नहीं है। यह पूरी दुनिया की स्वतंत्रता की सुरक्षा से जुड़ी है। पेंपा सेरिंग ने कनाडा की राजधानी ओटावा में यात्रा के दौरान से बात कही। सेरिंग ने कहा कि तिब्बती पठार को एशिया का वाटर टावर कहा जाता है, क्योंकि यहां से निकलने वाली नदियां लगभग दो अरब लोगों की जीवनरेखा है। यही कारण है कि बीजिंग की महत्वाकांक्षाओं का तिब्बत केंद्र बना हुआ है। चीन तिब्बती प्रवासी समुदायों और छात्र नेताओं को डराने-धमकाने के लिए सुनियोजित अभियान चला रहा है। उन्होंने टोरंटो विश्वविद्यालय का उदाहरण देते हुए बताया कि चीनी दूतावास ने तिब्बती-कनाडाई छात्र नेता को धमकी और अपमानजनक संदेशों से निशाना बनाने का निर्देश दिया है।