मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि खराब कानून व्यवस्था, पंचायत चुनावों को लेकर राज्य चुनाव आयोग के साथ सरकार का टकराव, पीआरआई चुनावों को टालने के लिए आपदा प्रबंधन एक्ट को बेवजह लागू करना, पहाड़ी राज्य में, खासकर शिक्षण संस्थानों में नशे की घुसपैठ और खराब वित्तीय प्रबंधन कुछ बड़े मुद्दे हैं, जिन्हें हम जनता के हित में विधानसभा में उठाएंगे। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर लगभग दिवालिया होने का भी आरोप लगाया और कहा कि खराब वित्तीय प्रबंधन की वजह से राज्य को ठेकेदारों को पेमेंट रोकने, पेंशनरों की पेंशन और चिकित्सा प्रतिपूर्ति में देरी करने और कर्मचारियों के महंगाई भत्ते का बकाया रोकने पर मजबूर होना पड़ा।