शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित हिमाचल भवन में धर्मशाला को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए प्रोजेक्ट बना रही कंपनी के साथ बैठक की। कहा धर्मशाला एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल है। प्रदेश सरकार इस पहाड़ी स्थल को न केवल स्मार्ट सिटी, बल्कि भारत के प्रगतिशील शहर के रूप में विकसित करने को प्रयासरत है।
शहर को पर्यटकों के लिए सांस्कृतिक, आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने को प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। सुधीर शर्मा ने नई दिल्ली में स्मार्ट सिटी धर्मशाला परियोजना पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (टीईआरआई) के विशेषज्ञों का एक दल तथा राज्य शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
उन्होंने परियोजना प्रस्ताव को अंतिम रूप देते वक्त एकीकृत एवं समावेशी योजना, स्थायी सचलता, जल प्रबंधन एवं ऊर्जा प्रणाली जैसे घटकों को प्राथमिकता प्रदान करने पर बल दिया। पर्यावरण को बनाए रखने और परियोजना के बेहतर कार्यान्वयन को योजना में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित बनाने पर बल दिया।
कहा कि प्रस्ताव में त्रियुंड के लिए ट्रैकिंग मार्ग को भी शामिल किया जाना चाहिए। कहा कि प्रस्ताव में आपदा प्रबंधन के पहलु पर भी ध्यान रखा जाना चाहिए। परियोजना प्रस्तावों को अंतिम रूप देने के लिए उच्च स्तरीय समिति की बैठक शीघ्र होगी।
शहरी एवं नगर नियोजन विभाग के निदेशक संदीप कुमार तथा नगर निगम धर्मशाला के कार्यकारी अधिकारी संजीव सैनी ने भी सुझाव दिए। राज्य शहरी योजनाकार दल की प्रमुख वंदना तथा नगर निगम धर्मशाला के योजनाकार दल के प्रमुख विकास सिंह ने भी विचार रखे।
टीईआरआई के विशेषज्ञ दल ने विस्तृत प्रस्तुति दी। इस दल को धर्मशाला स्मार्ट सिटी के लिए प्रस्ताव तैयार करने का कार्य दिया गया है। देश में स्मार्ट सिटी के चयन की आगामी योग्यता के लिए 15 दिसंबर तक शहरी विकास मंत्रालय को इसका प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाना है।