अपने ही कारणों से धर्मशाला स्मार्ट सिटी टॉप 20 से बाहर हुआ है। प्रदेश सरकार ने केंद्र को जो प्रपोजल भेजा था, उसमें लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने की डिटेल मांगी थी, लेकिन सरकार इसका जिक्र नहीं कर पाई।
शुक्रवार को शहरी विकास विभाग के निदेशक कैप्टन जेएम पठानिया और केंद्रीय मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में इसका खुलासा हुआ। स्मार्ट सिटी में शामिल 97 में से कुछ शहरों ने केंद्र सरकार को जो प्रपोजल भेजा, उसमें कहीं न कहीं खामियां पाई गई हैं।
धर्मशाला भी इनमें एक है। अब केंद्र सरकार ने 23 शहरों को फास्ट ट्रैक में लिया है। इनमें धर्मशाला शहर 7वें नंबर पर है। इन शहरों को 15 अप्रैल तक अपने नए प्रस्ताव भेजने को कहा है। उम्मीद है कि इसी साल धर्मशाला को स्मार्ट बनाने के लिए पैसा जारी हो जाएगा।
शहरी विकास विभाग के निदेशक कैप्टन जेएम पठानिया ने बताया कि शुक्रवार को केंद्रीय शहरी विकास विभाग के अधिकारियों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में धर्मशाला को टॉप 20 में शामिल न होने का कारण पूछा गया।
पता चला कि लोगों को किस तरह से सुविधा उपलब्ध करवाने की डिटेल नहीं दी गई। कांफ्रेंस में पता चला है कि केंद्र सरकार ने 23 शहरों को फास्ट ट्रैक में लिया है। इनमें धर्मशाला 7वें नंबर पर है।
धर्मशाला स्मार्ट सिटी को इसी साल बजट जारी होगा। फास्ट ट्रैक में लिए गए 23 शहरों में धर्मशाला टॉप 10 में है। -सुधीर शर्मा, शहरी विकास मंत्री