पशुपालन एवं कृषि मंत्री ने ढगवार में निर्माणाधीन लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र के कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों तथा निर्माण कार्य कर रही ठेकेदार फर्म को निर्देश दिए कि परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्वक पूर्ण किया जाए।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री चैधरी चंद्र कुमार कहा कि कांगड़ा जिले के ढगवार का मिल्क प्लांट हिमाचल प्रदेश का सबसे उन्नत दुग्ध संयंत्र होगा, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्य करेगा। यह संयंत्र पूरी तरह स्वचालित होगा, जिसमें अत्याधुनिक मशीनरी एवं उपकरण लगाए जा रहे हैं ताकि दुग्ध उत्पादों की उच्च गुणवत्ता, स्वच्छता और उत्पादन दक्षता सुनिश्चित की जा सके। पशुपालन एवं कृषि मंत्री ने ढगवार में निर्माणाधीन लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र के कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों तथा निर्माण कार्य कर रही ठेकेदार फर्म को निर्देश दिए कि परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्वक पूर्ण किया जाए।
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इसके साथ ही संयंत्र की गुणवत्ता और प्रगति की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए गठित समिति में मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारी को शामिल करने के निर्देश भी दिए। कृषि मंत्री ने कहा कि इस परियोजना की कुल लागत 225 करोड़ है, जिसमें से अब तक लगभग 41 प्रतिशत भौतिक कार्य पूर्ण हो चुका है। यहां पर विभिन्न दुग्ध उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संयंत्र प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने, ग्रामीण युवाओं को स्थायी रोजगार के अवसर प्रदान करने, और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेश के किसान और पशुपालक आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।