उन्होंने कहा कि बुद्ध की शिक्षाओं को मैं स्वयं भी बचपन से ही इस तीन स्तरीय प्रक्रिया अध्ययन, चिंतन-मनन और ध्यान के जरिये जीवन में अपनाता रहा हूं। इस प्रक्रिया को अपनाकर मैंने अपने जीवन पर इसका स्पष्ट सकारात्मक प्रभाव देखा है।
तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित आवास से रूस में बसे बौध अनुयायियों को दो दिवसीय ऑनलाइन व्याख्यान के दौरान संबोधित किया। व्याख्यान में दलाई लामा ने मैत्रेय सूत्रों को आधार बनाते हुए महात्मा बुद्ध की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महात्मा बुद्ध की शिक्षाओं को जीवन में उतारने के लिए सबसे पहले अध्ययन करने की आवश्यकता है। इसके बाद इन पर गहन चिंतन-मनन करना होगा। तीसरे और अंतिम चरण में इन शिक्षाओं को ध्यान-साधना के जरिये जीवन में उतारने का प्रयास करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि बुद्ध की शिक्षाओं को मैं स्वयं भी बचपन से ही इस तीन स्तरीय प्रक्रिया अध्ययन, चिंतन-मनन और ध्यान के जरिये जीवन में अपनाता रहा हूं। इस प्रक्रिया को अपनाकर मैंने अपने जीवन पर इसका स्पष्ट सकारात्मक प्रभाव देखा है। व्याख्यान से जुड़े लोगों से उन्होंने आग्रह करते हुए कहा कि बुद्ध की शिक्षाओं को जीवन में उतारने के लिए आप सब भी इस प्रक्रिया को अपनाएं। इसके बाद आप स्वयं इसका असर अपने जीवन में महसूस करोगे।