इस बीच 10 फरवरी को डीजीपी सीताराम मरडी पुलिस लाइन कैथू का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान वहां चल रहे निर्माण को रुकवाने के बाद डीजीपी अचानक कैथू जेल पहुंच गए।
उन्होंने डीडब्ल्यू नेगी से जेल सुपरिंटेंडेंट के कमरे में अनौपचारिक मुलाकात की। इस मुलाकात पर डीजीपी मरडी का कहना है कि वह पुलिस लाइन में चल रहे निर्माण को रुकवाने गए थे।
मरडी ने माना कि वह जेल के अंदर नहीं गए, बल्कि जेल के बाहर बने जेल सुपरिंटेंडेंट के कमरे में कुछ देर डीडब्ल्यू नेगी से मिले थे। जेल सुपरिंटेंडेंट कैथू ललित मोहन शर्मा ने डीजीपी और नेगी की मुलाकात की पुष्टि की है।
नियमों को दरकिनार कर की मुलाकात
डीजीपी मरडी और नेगी की मुलाकात के दौरान जेल में बंदी से मुलाकात और निरीक्षण के लिए नियम भी दरकिनार हुए। जेल में बंद कैदी को सिर्फ कोर्ट या अस्पताल ले जाने के लिए ही जेल से बाहर लाया जा सकता है।
वहीं, हर कैदी अपने रिश्तेदारों व परिचितों की सूची जेल विभाग को मुहैया कराता है जिसके आधार पर तय समय पर जेल के मुलाकात घर में बंदी और परिचित की मुलाकात हो सकती है।
किसी अफसर के जेल में निरीक्षण या किसी केस के सिलसिले में जाने के लिए कोर्ट से अनुमति लेना जरूरी होता है। लेकिन इस मुलाकात के दौरान किसी नियमों का पालन नहीं किया गया।