प्रदेश सरकार से तनातनी के बाद प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन कर चुके आईएएस विनीत चौधरी के बाद अब पुलिस महानिदेशक संजय कुमार ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की इच्छा जताई है। उन्होंने सरकार को पत्र लिखा है। डीजीपी के अचानक प्रतिनियुक्ति पर जाने के आवेदन को सरकार की साख पर सवाल के तौर पर देखा जा रहा है। इस बीच, नए डीजीपी को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं।
संजय कुमार से एक बैच सीनियर सुमेश गोयल और एक बैच जूनियर सीताराम मरडी का नाम खासा चर्चा में है। हिमाचल कैडर के बीएनएस नेगी भी इसी माह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौट रहे हैं। मूल रूप से बिहार के रहने वाले और 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी संजय कुमार वीरभद्र सिंह सरकार आने के बाद तत्कालीन डीजीपी आईडी भंडारी को हटाकर प्रदेश के नए डीजीपी बनाए गए।
तीन साल के कार्यकाल में संजय कुमार ने पुलिस को आधुनिक करने के लिए कई कदम उठाए। प्रदेशभर के पुलिस थानों को ऑनलाइन करना हो या फिर सीसीटीएनएस और पासपोर्ट रिपोर्ट ऑनलाइन भेजने की व्यवस्था कर, उन्होंने पुलिस और जनता के बीच संवाद के कई रास्ते खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सरकार से बेहतर तालमेल के बाद भी प्रतिनियुक्ति पर जाने की इच्छा जताने को राजनीतिक दबाव में काम न करने के फैसले के तौर पर देखा जा रहा है। डीजीपी संजय कुमार के प्रतिनियुक्ति पर जाने की इच्छा जताने के बाद अब प्रदेश में नए डीजीपी को लेकर दौड़ शुरू हो गई है।
फिलहाल, 1984 बैच के आईपीएस सुमेश गोयल ही उनसे सीनियर हैं, लेकिन हाल ही में सीताराम मरडी को डीजी रैंक मिलने के बाद उनका भी नाम चर्चा में है। इसके अलावा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर एसजेवीएनएल शिमला में अपना
कार्यकाल पूरा कर चुके बीएनएस नेगी भी इसी महीने वापस लौट रहे हैं। ऐसे में उनके प्रमोशन और डीजीपी बनने को लेकर चर्चा हो रही है। हालांकि, डीजीपी के लिए सरकार को सही अधिकारी मिलने तक उनकी प्रतिनियुक्ति अटकी रह सकती है।