जिनका निपटारा देव परंपराओं के अनुसार होता है। देवता के कारदार मोहन लाल ठाकुर का कहना है कि कुल्लू जिला, हिमाचल और दूसरे राज्यों से देवता कशू नारायण के दरबार में लोग अपने मामलों को लेकर पहुंचते हैं।
जिनका समाधान देव परंपरा के अनुसार किया जाता है। देव नीति के अनुसार दोनों पक्षों को दरबार में बैठाया जाता है और उनके सच झूठ का फैसला दिया जाता है। पुजारी मनीष शर्मा ने कहा कि देवता के दरबार में कई तरफ के फैसले दिए जाते हैं। जिन्हें सब स्वीकारते हैं।
देवता कशू नारायण का देवरथ सोने से जड़ा हुआ है। हर वर्ष देवता दशहरा उत्सव में शिरकत करते हैं। यहां दर्शनों के लिए उनके अस्थायी शिविर में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।