पशुओं के साथ नैतिक व्यवहार के लिए पेटा समेत अन्य सामाजिक संगठन काम रहे हैं। वहीं, कुल्लू के देवी-देवता के आदेश भी इस दिशा अहम भूमिका निभा रहे हैं। कुल्लू जिले के काथी और कुकड़ी गांवों में देवता हरि नारायण के आदेश पर चमड़े से बनी चीजों के साथ प्रवेश करना सख्त मना है। अगर किसी ने गांवों में चमड़े की वस्तु, जूते, बेल्ट और पर्स के साथ प्रवेश किया तो उसे पांच हजार रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा।
देवता के आदेश का सदियों से निर्वहन किया जा रहा है। इसके लिए बाकायदा गांव से काफी दूर गालग नाला नामक जगह पर एक बोर्ड भी लगाया गया है। बोर्ड में साफ तौर पर देवता के नियमों की जानकारी दी गई है। काथी और कुकड़ी गांव उझी घाटी के दुर्गम क्षेत्रों में माने जाते हैं।